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INX मीडिया केस: CBI की चार्जशीट में दावा- इंद्राणी मुखर्जी ने चिदंबरम को दी 35 करोड़ रुपये की रिश्वत

अंतिम रिपोर्ट में आरोपी से सरकारी गवाह बनी इंद्राणी मुखर्जी का भी नाम है

अंतिम रिपोर्ट में आरोपी से सरकारी गवाह बनी इंद्राणी मुखर्जी का भी नाम है

सीबीआई (CBI) ने देश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram), उनके बेटे कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) और उनके दो कंपनियों समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2019, 7:39 AM IST
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नई दिल्ली. सीबीआई ( CBI) ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले (INX Media Case) में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram ) के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में शुक्रवार को आरोप-पत्र दायर किया. इसमें दावा किया गया है कि इंद्राणी मुखर्जी ने पी चिदंबरम को रिश्वत के तौर पर 35.5 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए. ये पैसे सिंगापुर, मॉरीशस, बरमूदा, इंग्लैंड और स्विटजरलैंड में दिए गए. ये आरोप पत्र विशेष न्यायाधीश लाल सिंह के समक्ष दायर किया गया.

चार्जशीट में किसके नाम
इस आरोप-पत्र में पीटर मुखर्जी, चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्करमण, नीति आयोग की पूर्व सीईओ सिंधुश्री खुल्लर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में पूर्व सचिव अनूप के पुजारी, प्रबोध सक्सेना, रबिंद्र प्रसाद, आईएनएक्स मीडिया, एएससीएल और चैस मैनेजमेंट सर्विसेज को भी आरोपी बनाया गया है. अंतिम रिपोर्ट में आरोपी से सरकारी गवाह बनी इंद्राणी मुखर्जी का भी नाम है.

सीबीआई ने चार कंपनियों और आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. इसमें 120बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज को असली बताकर हस्ताक्षर करना) धाराएं लगाई गई हैं. विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ इस मामले पर 21 अक्टूबर को विचार करेंगे.
क्या है पूरा मामला?


बता दें कि 15 मई, 2017 को ईडी ने ये मामला दर्ज किया था. ईडी के द्वारा दर्ज केस में आईएनएक्स मीडिया पीवीटी लिमिटेड ने 4.62 करोड़ रुपये की स्वीकृत एफडीआई राशि के मुकाबले लगभग 403.07 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त किए थे. जांच के दौरान पाया गया कि INX Media Pvt Ltd के निदेशक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी, पी चिदंबरम, तत्कालीन वित्त मंत्री और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम सहित कई अधिकारी इसमें शामिल थे.

बढ़ गई मुश्किलें
अदालत ने आईएनएक्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बृहस्पतिवार को चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया था, 'ताकि मामले को एक तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए उचित जांच हो सके.' विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने प्रवर्तन निदेशालय को चिदंबरम से सात दिन तक पूछताछ करने की अनुमति दी है. ईडी की तरफ से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि छह सितंबर से एजेंसी ने 12 गवाहों से पूछताछ की और अंतिम पूछताछ नौ अक्टूबर को हुई. साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान ईडी ने कुछ अतिरिक्त सबूत भी जमा किए.

अगस्त में हुए थे गिरफ्तार
यूपीए सरकार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री भी रह चुके चिदंबरम को 21 अगस्त को जोर बाग स्थित उनके निवास से सीबीअआई ने गिरफ्तार कर लिया था.सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज कर आईएनएक्स मीडिया समूह को 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि प्राप्त करने के लिए दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाया था. उस वक्त चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

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