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जानिए तिहाड़ में कैसा रहा चिदंबरम का पहला दिन, सैर की और दलिया खाया

तिहाड़ में कैसा रहा पी चिदंबरम का पहला दिन ?

तिहाड़ में कैसा रहा पी चिदंबरम का पहला दिन ?

पी चिदंबरम (P Chidambaram) को बृहस्पतिवार की शाम तिहाड़ जेल में लाया गया था. सूत्रों की माने तो वह रात को ज्यादा सो नहीं सके.

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नई दिल्ली. पूर्व वित्त और गृहमंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) को INX मीडिया केस (INX Media Case) में 5 सितंबर को सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल (Tihar Jail) भेज दिया. चिदंबरम ने अपनी पहली रात लकड़ी के तख़्त पर सोकर बिताई. हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने शुक्रवार को अपने दिन की शुरूआत जेल परिसर में टहलने के साथ की, इसके बाद उन्होंने कुछ किताब पढ़ी और बेटे कार्ति के साथ मुलाकात भी की.

सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता को बृहस्पतिवार की शाम तिहाड़ जेल में लाया गया था और वह रात को ज्यादा सो नहीं सके. उन्होंने बताया कि उन्होंने धार्मिक ग्रंथ और समाचार पत्र पढ़ कर अपनी सुबह बितायी. इससे पहले उन्होंने अपने सुबह की शुरूआत जेल परिसर में टहलने तथा सुबह छह बजे दलिया खाकर और चाय पीने के साथ की. इसके बाद दिन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता के बेटे ने उनसे मुलाकात की.

आर्थिक मामलों के आरोपियों की जेल में हैं चिदंबरम
सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ राजनेता ने सोने के लिए चारपाई की मांग की लेकिन जेल डाक्टर की जांच के बाद अगर उन्हें जरूरी लगेगा तो यह दी जाएगी. पूर्व मंत्री जेल नंबर सात में बंद हैं. यहां सामान्य तौर पर उन लोगों को रखा जाता है जो प्रवर्तन निदेशालय के मामलों में आरोपी होते हैं. कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकारों के दौरान वित्त एवं गृह मंत्री रह चुके वरिष्ठ राजनेता को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में यहां की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है.




जेल में ही मानना होगा जन्मदिन!
चिदंबरम 16 सितंबर को 74 साल के हो जायेंगे और अगर इससे पहले उन्हें जमानत नहीं मिलती है तो उन्हें अपना जन्मदिन जेल में ही बिताना होगा. कारागार अधिकारी ने बताया कि अदालत के आदेशानुसार उन्हें अलग प्रकोष्ठ और पश्चिमी शैली के शौचालय की सुविधा दी गयी है. इसके अलावा उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी गयी है. अन्य कैदियों की तरह कांग्रेस नेता कारागार के पुस्तकालय तक जा सकते हैं और एक खास समय तक वह टीवी देख सकते हैं.

चिदंबरम को उनका विशेष प्रकोष्ठ दिये जाने से पहले उन्होंने अनिवार्य मेडिकल परीक्षण करवाया. पिछले साल इसी मामले में, चिदंबरम के बेटे कार्ति इसी सेल में 12 दिनों तक बंद थे. अधिकारी ने बताया कि चिदंबरम के जेल प्रकोष्ठ को पहले ही तैयार कर दिया गया था क्योंकि जेल अधिकारियों को आभास था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के खिलाफ चल रहे अदालती मामलों के मद्देनजर उन्हें यहां लाया जा सकता है.

सुरक्षा की दृष्टि से हैं अलग सेल में
पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम को राउज एवेन्यू में एक विशेष सीबीआई अदालत से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बृहस्पतिवार को एशिया की सबसे बड़ी जेल में लाया गया. इस यात्रा में 35 मिनट लगे थे. अदालत ने उन्हें जेल में अपने साथ चश्मा, दवाएं ले जाने की अनुमति दी और निर्देश दिया कि उन्हें तिहाड़ जेल में अलग कोठरी में रखा जाए क्योंकि उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को भी इसी जेल में बंद किया गया है. प्रवर्तन निदेशालय अगस्ता वेस्टलैंड और एक बैंक धोखाधड़ी के मामले में उनकी जांच कर रहा है.

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