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क्या कोरोना का पीक खत्म हो गया! अस्पताल में भर्ती मरीजों की कम संख्या क्या कहती है, जानें

क्या कोरोना का पीक खत्म हो गया! अस्पताल में भर्ती मरीजों की कम संख्या क्या कहती है, जानें

विशेषज्ञों ने बताया कि भर्ती मरीजों की संख्‍या से कोरोना लहर के पीक पर होने का संबंध नहीं है.

विशेषज्ञों ने बताया कि भर्ती मरीजों की संख्‍या से कोरोना लहर के पीक पर होने का संबंध नहीं है.

विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के आंकड़े के आधार पर यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि दिल्ली में कोविड महामारी (covid epidemic) की तीसरी लहर (corona third wave) का चरम समाप्त हो चुका है.

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नयी दिल्ली.  विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के आंकड़े के आधार पर यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि दिल्ली में कोविड महामारी (covid epidemic) की तीसरी लहर (corona third wave) का चरम समाप्त हो चुका है. दिल्ली में कोरोना महामारी के मामलों  (Corona Cases in Delhi) और संक्रमण दर में लगातार वृद्धि जारी है. शहर में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का अनुपात कम रहने के मद्देनजर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को कहा था कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या का कम होना यह दर्शाता है कि महामारी की मौजूदा लहर अपने चरम पर पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में संक्रमण के मामलों में कमी आएगी.

हालांकि, महामारी विशेषज्ञ डॉ चंद्रकांत लहरिया के मुताबिक, केवल अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के आंकड़े के आधार पर यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि महामारी की लहर का चरम समाप्त हो चुका है. उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि लोग बीमार होने के कुछ दिन बाद ही अस्पताल में भर्ती होते हैं, इसलिए ‘इसमें 6-7 दिन का फर्क रहता है.’

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लहरिया कहा, ‘महामारी की लहर के चरम का पता लगाने के लिए संक्रमण के दैनिक मामलों और संक्रमण दर का उपयोग किया जाना चाहिए. अस्पताल में भर्ती होना उसमें दाखिल होने के मानदंडों पर आधारित होता है (एक खास क्षेत्र में). यद्यपि, अस्पताल में भर्ती होने वालों का आंकड़ा जनस्वास्थ्य योजना की बेहतरी के लिए उपयोग किया जा सकता है लेकिन लहर के चरम का पता लगाने के लिए नहीं.’

वहीं, जोधपुर के राष्ट्रीय असंचारी रोग कार्यान्वयन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ अरुण शर्मा ने कहा, ‘महामारी विज्ञान के अनुसार, लहर के चरम का पता संक्रमण की दर, संक्रमित लोगों और जोखिम वाली आबादी की संख्या की मदद से लगाया जाता है.’ उन्होंने कहा कि संक्रमण दर एक बेहद अहम बिंदु है क्योंकि जांच से संबंधित नमूनों की संख्या के आधार पर संक्रमण दर कम या ज्यादा हो सकती है.

Tags: Corona Cases in Delhi, Corona third wave, Covid epidemic

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