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पाक से चल रहा था भारत में पकड़ा गया IS-मॉड्यूल? अधिकारी बोले- जुड़े हो सकते हैं तार

पाक से चल रहा था भारत में पकड़ा गया IS-मॉड्यूल? अधिकारी बोले- जुड़े हो सकते हैं तार

10 में से चार आरोपियों को गुरुवार को एनआईए के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था. (PTI Photo)

10 में से चार आरोपियों को गुरुवार को एनआईए के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था. (PTI Photo)

यह पहली बार नहीं है जब भारत में पकड़े गए किसी आईएस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हों.

    अरुणिमा

    क्या एनआईए ने जिस IS मॉड्यूल का खुलासा किया है उसके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं? जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड मुफ्ती मोहम्मद सुहेल को अबु मलिक 'पेशावरी' नाम के शख्स से निर्देश मिलते थे. पेशावर पाकिस्तान का एक शहर है और आमतौर पर वहां रहने वाले लोग अपने नाम के आगे पेशावरी लगाते हैं.

    केंद्र सरकार को इंटेलिजेंस से पुख्ता जानकारी मिली थी कि कुछ IS समर्थित लोग एक आतंकी संगठन के तौर पर काम कर रहे हैं और वे दिल्ली और आसपास की जगहों को निशाना बना सकते हैं. इस जानकारी के बाद एनआईए ने मुफ्ती मोहम्मद सुहेल और उसके 9 सहयोगियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया.

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    एनआईए, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एटीएस ने बुधवार को जॉइंट ऑपरेशन चलाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर सीएनएन-न्यूज 18 से कहा, "हां, पाकिस्तान से इस मॉड्यूल के तार जुड़े होने की संभावना है."

    अधिकारी ने यह भी बताया कि मुफ्ती सुहेल और पेशावरी के बीच ऑनलाइन माध्यमों से बात होती है. बातचीत के लिए सुहैल अपने ऑनलाइन नाम अबु बसीर अल खुरासनी का इस्तेमाल करता था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुफ्ती सुहेल फेसबुक के जरिए पेशावरी के संपर्क में आया था. इसके बाद उनके बीच टेलीग्राफ और थ्रीमा जैसे चैट ग्रुप्स में बात होने लगी.

    जांच में जुटे अधिकारियों ने कहा कि सुहेल के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के बाद पेशावरी के संबंध में अधिक जानकारी सामने आ पाएगी. उन्होंने कहा, "फोरेंसिक एनालिसिस के बाद डिवाइस की मिरर इमेज मिलने के बाद ही हमें इस संबंध में कुछ पता चल पाएगा."

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    यह पहली बार नहीं है जब भारत में पकड़े गए किसी आईएस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हों.

    इससे पहले पकड़े गए आईएस मॉड्यूल के हैंडलर की ऑनलाइन आईडी युसुफ अल हिंदी थी. माना जाता है कि भटकल का रहने वाला शफी अरमार अल हिंदी आईडी का इस्तेमाल करता था. इंडियन मुजाहिदीन पर कार्रवाई के बाद अरमार पाकिस्तान भाग गया था. एजेंसियों का मानना है कि उसने आईएसआई से ट्रेनिंग भी ली है.

    एनआईए की चार्जशीट में अरमार पर आरोप है कि वह आईएस से प्रेरित संस्था जुंद उल खलीफा-ए-हिंद के लिए युवाओं की भर्ती करता था. वह अंसर-उल तौहीद फिल बिलाद अल-हिंद का चीफ भी रह चुका है.

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    अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि अरमार एयर स्ट्राइक में मारा जा चुका है, भारतीय एजेंसियों का कहना है कि उसकी बॉडी जब तक नहीं मिल जाती तब तक उसके मरने की पुष्टि नहीं की जा सकती है.

    अब एनआईए के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि क्या अबु मलिक पेशावरी ही युसुफ अल हिंदी उर्फ शफी अरमार है. या फिर भारतीयों को भड़काने के लिए कोई नया पाकिस्तानी हैंडलर तैयार हो गया गया है.

    Tags: ATS, NIA, Terrorism, Terrorist

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