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क्या मुम्बई से दिल्ली पर निशाना लगा रहे हैं उद्धव?

Anil Rai | News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 11:27 AM IST

शिवसेना उद्धव ठाकरे (Shiv sena Uddhav Thackeray) जानते हैं कि इस समय उनके पास भी पर्याप्त विकल्प हैं. ऐसे में क्या वाकई उद्धव मुंबई में बैठकर दिल्ली की राजनीति को भी साधने की कोशिश कर रहे हैं?

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  • Last Updated: November 1, 2019, 11:27 AM IST
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महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना (Shiv Sena) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है लेकिन बीजेपी को अब भी भरोसा है कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बीजेपी की ही बनेगी. वो भी शिवसेना के सहयोग से. हालांकि, पार्टी के कुछ नेता दूसरे विकल्पों की लताश में भी जुट गए हैं. लेकिन यहां सवाल ये ही है क्या शिवसेना की जिद सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी और 50-50 के फार्मूले पर सरकार चलाने को लेकर है या मुम्बई में बैठे उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) दिल्ली की सरकार को इशारों- इशारों में कोई और संदेश देना चाहते हैं. क्योंकि चुनाव के पहले टिकटों के बटवारे में भी शिवसेना 50-50 के फार्मूले पर अड़ी थी लेकिन जब समझौते की घोषणा हुई तो समीकरण कुछ और थे.

शिवसेना को उम्मीद बीजेपी लाएगी नया फार्मूला
महाराष्ट्र विधानसभा के गणित को देखें तो मुख्यमंत्री समेत कुल 43 मंत्री बन सकते हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने शिवसेना के 13 मंत्री पद और बीजेपी के पास मुख्यमंत्री समेत 26 मंत्री पद का प्रस्ताव दिया है. सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में सीटों का ये गणित विधानसभा में पार्टियों की सीटों के हिसाब से तय हुआ है लेकिन शिवसेना इस प्रस्ताव को पहले ही खारिज कर चुकी है. खबरों की मानें तो शिवसेना के नेता अब बिना बीजेपी के सहयोग के सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने एनसीपी नेताओं से मुलाकात भी की है. लेकिन पार्टी ने जिस तरह विधायकों की बैठक में आदित्य ठाकरे की जगह एकनाथ शिंदे को नेता चुना उससे ये साफ संदेश गया कि पार्टी भले ही मीडिया में कड़े बयान दो रही है लेकिन बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं. दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी भी शिवसेना के बयान पर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रही है. साफ है दोनो पार्टियां दबाव बनाने के लिए बयानबाजी तो कर रही हैं लेकिन ऐसे बयान देने से बच ही हैं जिससे बातचीत का रास्ता बंद हो जाए.

दिल्ली में शिवसेना की हिस्सेदापी बढ़े तो बन सकती है बात

सूत्रों की मानें तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बीजेपी पर दबाव तो बनाना चाहते हैं लेकिन वे नहीं चाहते कि बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाए. सूत्रों की मानें तो शिवसेना मुम्बई की कुर्सी के सहारे केन्द्र सरकार में भी अपना कद बड़ा करना चाहती है ऐसे अगर बीजेपी नेतृत्व महाराष्ट्र में शिवसेना कोटे से मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ अगर केन्द्र सरकार में शिवसेना की हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रस्तान रखे तो बातचीत आगे बढ़ सकती है. लेकिन उद्धव इसके लिए बीजेपी की तरफ से प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं.

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First published: November 1, 2019, 11:26 AM IST
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