• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • कोलंबो आतंकी हमला: केरल में एक्टिव IS के स्लीपर सेल पर भी शक

कोलंबो आतंकी हमला: केरल में एक्टिव IS के स्लीपर सेल पर भी शक

पूर्वी अफ्रीका में आतंकी संगठन अल-शहाब आईएस के साथ जुड़ चुका है.

पूर्वी अफ्रीका में आतंकी संगठन अल-शहाब आईएस के साथ जुड़ चुका है.

अमेरिका समर्थित गठबंधन सेना की आक्रामक कार्रवाई के कारण सीरिया से सिमट चुके इस्लामिक स्टेट ने दक्षिण एशियाई देशों में पैर जमा लिए हैं. श्रीलंका धमाकों के बाद भारतीय एजेंसियां केरल, तमिलनाडु में आईएस और तौहीद जमात के स्लीपर सेल या समर्थकों की तलाश में जुट गई हैं.

  • Share this:
    श्रीलंका में ईस्टर पर हुए आठ शक्तिशाली आत्मघाती धमाकों के तार भारत में केरल और तमिलनाडु से भी जुड़ते दिख रहे हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत केंद्रीय एजेंसियों की मदद से दोनों राज्यों की पुलिस ने अपने प्रदेशों में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) और श्रीलंका के कट्टरपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के संभावित स्लीपर सेल या समर्थकों को तलाशने के लिए बड़ा अभियान छेड़ दिया है. आरोप है कि एनटीजे ने आईएस की मदद से श्रीलंका में हमला किया था, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हुई.

    श्रीलंका में किए गए भीषण हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद कहा जा सकता है कि सीरिया समेत पश्चिम एशिया से सिमट चुका यह आतंकी संगठन अब दक्षिण एशिया में पैर जमा चुका है. पहले भी खबरें मिलती रही हैं कि आईएस दक्षिण एशियाई देशों के युवाओं को बरगला कर भर्ती कर रहा है. भारत में जम्मू-कश्मीर में आईएस (जेके) सक्रिय है. केंद्रीय एजेंसियां केरल और तमिलनाडु में भी आईएस के स्लीपर सेल और सहानुभूति रखने वालों की मौजूदगी की आशंका जता चुकी हैं.

    ये भी पढ़ें: ईस्टर धमाके : श्रीलंका ने जारी की इन छः संदिग्धों की तस्वीर

    दरअसल, सीरिया में अमेरिका समर्थित गठबंधन सेना की आक्रामक कार्रवाई के बाद आईएस के पैर पश्चिम एशिया से उखड़ने लगे. मार्च के अंत में गठबंधन सेना ने सीरिया में आईएस के कब्जे वाले आखिरी इलाके बाघोज को भी मुक्त करा लिया. इसके बाद मान लिया गया कि सीरिया और इराक से शुरू हुआ इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (आईएसआईएस) का वजूद खत्म हो गया है. क्या वास्तव में ऐसा हुआ. श्रीलंका धमाकों के बाद कहा जा सकता है कि सीरिया समेत पश्चिम एशिया से खदेड़े जाने के बाद आईएस ने दक्षिण एशिया में जमीन तलाशनी शुरू कर दी थी.

    ये भी पढ़ें: कोलंबो आतंकी हमला: 9 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया

    अब बांग्लादेश और मालदीव में आईएस अपनी जड़ें मजबूती से जमा चुका है. इसके अलावा फिलीपींस और वियतनाम समेत कई देशों में आतंकी संगठन का आधार काफी मजबूत हो चुका है. पाकिस्तान में पहले से मौजूद आतंकी संगठनों की मदद के साथ ही आईएस वहां अपनी जड़ें भी गहरी कर रहा है. आईएस इन देशों से दक्षिण एशिया के किसी भी देश में बड़े से बड़ा आतंकी हमला कर सकता है.

    दुनिया से अभी खत्म नहीं हुआ है आईएस का खतरा

    यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजे सबसे पहले देखने के लिए यहां क्लिक करें.

    यही नहीं, आईएस में शामिल होने के लिए सीरिया गए दुनिया भर के युवाओं के अपने देश लौटने की खबरें आईं. अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के युवाओं ने अपनी सरकारों से घर लौटने देने की गुहार लगाई. इन सभी तथ्यों को देखते हुए कहा जा सकता है कि दुनिया से अभी आईएस का खतरा खत्म नहीं हुआ है. यह और विकराल रूप लेकर एक क्षेत्र से निकलकर पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बनकर उभर रहा है.

    ये भी पढ़ें: श्रीलंका में पाकिस्तानी शरणार्थियों पर हो रहे हमले, सैकड़ों देश छोड़ने पर मजबूर

    केरल-तमिलनाडु में कुछ लोगों के संपर्क में था हाशिम

    श्रीलंका धमाकों में एक फिदायीन की पहचान एनटीजे नेता मौलवी जाहरान बिन हाशिम के तौर पर हुई है. उसने खुद को शांगरीला होटल में धमाका कर उड़ा लिया था. जांच अधिकारियों को पता चला कि श्रीलंका हमले का मास्टरमाइंड हाशिम तमिलनाडु और केरल में कुछ लोगों के साथ मिलकर आईएस कंफडेरेशन बनाने की कोशिश कर रहा था.

    केरल और तमिलनाडु में तलाश तेज

    एनआईए की जांच में पता चला कि कोयंबटूर के छह युवा हाशिम के वीडियो देखकर आतंकी की राह पर चल दिया थे, जिन्हें सितंबर, 2018 में गिरफ्तार कर लिया गया. इसके अलावा केरल के पलक्कड़, कोझिकोड़ समेत कई अन्य इलाकों से छह से ज्यादा लोगों के अलग-अलग समय पर श्रीलंका जाने की सूचना मिली. ये सभी बाद में अफगानिस्तान चले गए.

    ये भी पढ़ें: कौन है कोलंबो धमाकों का मास्टर माइंड मौलवी, यूट्यूब पर पड़े थे वीडियो

    केंद्रीय एजेंसियों का मानना है कि दोनों राज्यों में आईएस कुछ और स्लीपर सेल भी हो सकते हैं, जिनके पास श्रीलंका धमाके से जुड़ी जानकारियां हो सकती हैं या वे हमलावरों के संपर्क में हो सकते हैं. केरल के पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने बताया कि राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के साथ अभियान चला रही है. वहीं, तमिलनाडु के डीजीपी टीके राजेंद्रन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. आईएस में शामिल होकर सीरिया या अफगानिस्तान जाने वाले ज्यादातर लोग केरल से थे.

    भारत पर आईएस के खतरे को लेकर हो चुकी हैं कई उच्चस्तरीय बैठकें

    गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि RAW, IB, NIA और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भारत पर आईएस के खतरे को लेकर कई बार बैठक कर चुके हैं. केंद्र सरकार बार-बार कहती रही है कि आईएस को भारतीय मुसलमानों की ओर से कोई समर्थन नहीं मिल रहा है. वहीं, आईएस की गतिविधियों पर अंकुश लगाए रखने के लिए सभी राज्यों के पुलिस बल पिछले चार-पांच साल से आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं. अधिकारी के मुताबिक, कनाडा, जापान, सिंगापुर और बांग्लादेश ने कई भारतीय एजेंसियों से कई बार इस बारे में बातचीत की है. फिलहाल भारतीय एजेंसियां धमाकों की जांच में श्रीलंका की मदद कर रही है.

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज