कश्मीर में फिर से सिर उठाने की फिराक में ISIS, अमरनाथ यात्रा के खिलाफ बनाया प्लान!

पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ISJK के दर्जन भर से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं.

नीतीश कुमार | News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 5:51 PM IST
कश्मीर में फिर से सिर उठाने की फिराक में ISIS, अमरनाथ यात्रा के खिलाफ बनाया प्लान!
पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ISJK के दर्जन भर से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं.
नीतीश कुमार | News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 5:51 PM IST
कश्मीर घाटी में ISJK यानि की इस्लामिक स्टेट, जम्मू कश्मीर के आतंकियों के तकरीबन सफाए के बाद दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक ISIS एक नए नाम और रणनीति के साथ भारत में उतरने की तैयारी में है.

संगठन को फिर से जिंदा करने के नजरिए से अब आईएसआईएस अल-सबा-बुश शरिया के बैनर तले हिन्दुस्तान में ऑपरेट करने की तैयारी में है.अल -सबा-बुश शरिया का मतलब है शरिया को फिर से जिंदा करना. इस संगठन का आमिर अबू अकाशा अल हिन्दी को नियुक्त किया गया है.

खुफिया एजेंसियां अबू अकाशा अल हिन्दी के बैक ग्राउंड को खंगालने की कोशिश में जुटी है.संगठन ने अपने ऑफिशियल मीडिया विंग का नाम अल-इंतियास रखा है. खुफिया एजेंसिंयों के मुताबिक ये संगठन दिल्ली और कर्नाटक में बसे कश्मीरियों और पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में बसे रोहिंगिया मुसलमानों को संगठन का हिस्सा बनाने का इरादा रखता है.

काफी हद तक खत्म हुआ असर

हालांकि हाल में ISJK के आतंकियों के तकरीबन सफाए के बाद इस संगठन का आधार कश्मीर में काफी हद तक घटा है.और पहले के अनुभव से इस संगठन को पता है कि घाटी में पहले से ही मौजूद हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैय्यबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी तंजीमों के बीच घाटी में साख बनाना मुश्किल है. ऐसे में ये संगठन अपनी बची खुची साख की बिना पर घाटी में प्रोपेगेंडा के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश करेगा.

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अमरनाथ यात्रा पर कोई असर?
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अमरनाथ यात्रा के वक्त अल-सबा-बुश शरिया के अस्तित्व में आने को खुफिया एजेंसियां शक की निगाह से देख रही हैं. उनका मानना ही कि ये पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई की चाल भी हो सकती है. इसके पीछे आईएसआई का मकसद ये भी हो सकता है कि इस संगठन की आड़ लेकर अमरनाथ यात्रा के वक्त आतंकी हमला करवाया जाए और बाद में इसमें किसी भी तरह से पाकिस्तान के रोल से इंकार किया जा सके.

पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ISJK के दर्जन भर से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं. इसमें वो आंतकी भी शामिल हैं जो सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के दौरान होने वाली पत्थरबाजी के दौरान ISIS का झंडा लहराने का काम करते थे.

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First published: July 5, 2019, 5:47 PM IST
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