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इस्लाम में परिवार नियोजन की मनाही नहीं, मुस्लिमों की आबादी बढ़ने का डर गलत- पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी

एसवाई कुरैशी चुनाव, लोकतंत्र समेत कई अन्य मुद्दों पर किताबें लिख चुके हैं.

एसवाई कुरैशी चुनाव, लोकतंत्र समेत कई अन्य मुद्दों पर किताबें लिख चुके हैं.

The Population Myth: पूर्व निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी (SY Qureshi) बताते हैं कि इस किताब को लिखने का मकसद गलत धारणाएं और मिथकों को दूरकर हिन्दू और मुस्लिम समुदायों के बीच सद्भावना को बढ़ाना है. इस किताब में चार नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के डेटा को भी शामिल किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 14, 2021, 9:57 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी की नई किताब 'द पॉपुलेशन मिथ' (The Population Myth) फरवरी में रिलीज हो चुकी है. इस किताब में उन्होंने इस्लाम (Islam) और परिवार नियोजन (Family Planning) से जुड़ी बातों का जिक्र किया है. कुरैशी के अनुसार उनकी किताब में इस्लाम और फैमिली प्लानिंग को लेकर जारी गलत धारणाओं का पर्दाफाश किया गया है. हालांकि, इस किताब के सामने आने से पहले ही कुरैशी को एक बात का डर सता रहा था कि उन्हें आखिर क्या कहा जाएगा- राष्ट्र विरोधी या इस्लाम विरोधी?

पूर्व चुनाव आयुक्त को यह देखकर राहत मिली है कि उन्हें इन दोनों में से अब तक कुछ भी नहीं कह गया. कुरैशी के मुताबिक, उनकी किताब 'द पॉपुलेशन मिथ: इस्लाम, फैमिली प्लानिंग एंड पॉलिटिक्स इन इंडिया' तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित है, जिन्हें जुटाने में सालों की कड़ी मेहनत लगी है. इस किताब में लेखक ने इस बात को भी शामिल किया है कि एक दिन मुसलमान, हिंदू आबादी से ज्यादा होंगे. हालांकि, वे इसे महज मिथक मानते हैं.

इस किताब में चार नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के बहुत सारे डेटा को शामिल किया गया है. गुरुग्राम स्थित उनके आवास पर एक रिपोर्टर किताब लेकर उनसे बात करने गए. इसे देखकर कुरैशी बोले 'आप शहर की सबसे बढ़िया किताब को पकडे़ हुए हैं. मुझे हैरानी हुई है, क्योंकि मुझे कुछ परेशानियों की उम्मीद थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ. अभी तक किसी ने भी मुझे चुनौती नहीं दी.' उन्होंने कहा 'यहां तक कि मुझे अच्छी प्रतिक्रिया मिली हैं.'



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कुरैशी बताते हैं कि इस किताब को लिखने का मकसद गलत धारणाएं और मिथकों को हटाकर समुदायों के बीच सद्भावना को बढ़ाना है. वे अपनी किताब में लिखते हैं, 'यदि मैं दोनों समुदायों के आपसी संदेह को दूर करने और समान उत्साह के साथ परिवार नियोजन अपनाने के लिए राजी करने में एक छोटे से उपाय में सफल हो जाता हूं, तो मैं इसे राष्ट्र निर्माण में अपना विनम्र योगदान मानूंगा.'

न्यूज18 के साथ चले करीब 1 घंटे के इंटरव्यू में कुरैशी ने इस्लाम, परिवार नियोजन और इन्हें लेकर जारी मिथकों पर प्रकाश डाला है. खास बात है कि इसके अलावा चुनाव, लोकतंत्र समेत कई अन्य मुद्दों पर किताबें लिख चुके हैं.

(पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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