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क्या है 'लोन वुल्फ अटैक', भारत को इससे है कितना खतरा?

News18Hindi
Updated: December 28, 2017, 6:51 PM IST

सोशल मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर एक ऑडियो वायरल हो रही है जिसमें केरल से भागकर इस्लामिक स्टेट से जुड़े लोग इस बात का शक जाहिर कर रहे हैं कि कुंभ के मेले या त्रिशूर पूरम के दौरान 'लोन वुल्फ अटैक' किया जा सकता है.

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  • Last Updated: December 28, 2017, 6:51 PM IST
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सोशल मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर बीते दिनों एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें केरल से भागकर इस्लामिक स्टेट से जुड़े कुछ आतंकी इस बात का शक जाहिर कर रहे हैं कि कुंभ के मेले या त्रिशूर पूरम के दौरान 'लोन वुल्फ अटैक' किया जा सकता है. बीते कुछ सालों में देखा गया गया है कि दुनियाभर में हुए ज्यादातर आतंकी हमले लोन वुल्फ अटैकर्स ने किए हैं.

इस तरह का आखिरी हमला इसी साल एक अक्टूबर को अमेरिका के लास वेगस में एक म्यूजिक कंसर्ट के दौरान हुआ था. इस हमले में एक आदमी होटल के 32वें फ्लोर पर कुछ बंदूकों के साथ पहुंचा और नीचे जारी म्यूजिक कंसर्ट में मौजूद भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में 56 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

क्या है लोन वोल्फ अटैक
ऐसा अटैक जिसे कम संसाधनों से लैस एक व्यक्ति या दो-तीन लोग अंजाम देते हैं उसे लोन वुल्फ अटैक कहा जाता है. इस तरह के अटैक में हमला करने वाला किसी खास तरह के संगठन से न भी जुड़ा हो लेकिन ज्यादातर किसी ख़ास विचारधारा से प्रेरित होकर ऐसा करता है. साल 2000 के बाद से आतंकी संगठनों ने यूरोप, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में करीब 200 से ज्यादा ऐसे हमलों को अंजाम दिया है जिनमें एक हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.



ये सामने आया है कि इस तरह के हमले को अंजाम देने के लिए हथियारों की भी ज़रूरत नहीं होती सिर्फ भीड़ भरे इलाकों को स्पॉट करके सिर्फ कार या ट्रक के जरिये भी इसे अंज़ाम दिया जा सकता है. 14 जुलाई 2016 को फ्रांस के नीस में आतंकी हमलावर ने तेज रफ्तार ट्रक से 86 लोगों को कुचल दिया था. हालांकि गार्डियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों से प्रेरित होकर जिन हमलों को अंजाम दिया गया है उनमें बंदूकों का इस्तेमाल ज्यादा हुआ है.

कब शुरू हुआ
हमला करने का ये तरीका सबसे पहले अमेरिका में साल 1940 में देखने को मिला था. इस तरह के हमलों के शिकार सबसे पहले एफ्रो-अमेरिकन और यहूदी हुए और बाद में अलकायदा ने लोगों को बरगला कर इस तरह के छोटे-छोटे हमले कराने शुरू किए. 80 के दशक से अमेरिका और यूरोप टार्गेट पर आ गए और तभी से इन हमलों में हर साल बढ़ोत्तरी दर्ज की गई.

PBS में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 1940 में ही एफबीआई ने 140 ऐसे हमलों की छानबीन की थी. साल 2011 के बाद से इस्लामिक स्टेट ने इस तरह के कई हमलों को अंजाम दिया है. साल 2000 से अब तक इस तरह के 200 से ज्यादा हमले देखने को मिले हैं.

क्या है भारत की स्थिति
इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में फिदायीन हमले देखने को मिले हैं जिनके लिए आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है. लेकिन लोन वुल्फ अटैक जैसे हमलों के लायक मोटिवेशन पैदा करना एक बेहद मुश्किल प्रोसेस है. इंडियन मुजाहिदीन ही ऐसा आतंकी संगठन है जिसे पूरी तरह से भारतीयों ने शुरू किया था और IS भी ऐसे किसी हमले के लिए इसी के स्लीपर सेल का इस्तेमाल कर सकता है.

इस रिपोर्ट के मुताबिक लोन वुल्फ जैसे अटैक मुश्किल इसलिए भी है कि हथियारों का लाइसेंस मिलना भारत में एक बेहद कठिन प्रक्रिया है. ऐसे में सेल्फ मोटिवेटड आतंकी के लिए हथियार जुटाना ही सबसे बड़ी मुश्किल है. हालांकि रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत में भीड़ भरे पब्लिक प्लेस सबसे आसान टार्गेट साबित हो सकते हैं क्योंकि सबसे कम सिक्योरिटी ऐसी ही जगहों पर दिखाई देती है.

बड़े लोन वुल्फ अटैक
-नॉर्वे में 22 जुलाई 2011 आंद्रे नाम के शख्स ने लेबर पार्टी के यूथ ऑर्गनाइजेशन के समर कैंप में ओपन फायरिंग कर 77 लोगों को मार दिया.
-साल 2011 में पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या भी इसी तरह के हमले में हुई थी.
-14 जुलाई 2016 को फ्रांस के नीस में मोहम्मद लाहाउज नाम के आतंकी हमलावर ने तेज रफ्तार ट्रक से 86 लोगों को कुचल दिया था.
- 12 जून 2016 को अमेरिका के ओरलैंडो नाइट क्लब में ओमार मतीन नाम के IS आतंकी ने ओपन फायरिंग कर 49 लोगों को मार दिया जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
- 29 जनवरी 2017 को कनाडा की क्यूबेक सिटी मस्जिद में एलेक्जेंडर नाम के एक शख्स ने गोली मारकर 7 लोगों की हत्या कर दी.
-1 अक्टूबर 2017 को अमेरिका के लास वेगस में एक म्यूजिक कंसर्ट के दौरान आतंकी होटल के 32वें फ्लोर पर कुछ बंदूकों के साथ पहुंचा और नीचे जारी म्यूजिक कंसर्ट में मौजूद भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में 56 लोगों की मौत हो गई थी जबकि भगदड़ में 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

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First published: December 24, 2017, 8:25 PM IST
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