नौसेना की मजबूती के लिए इजरायल के साथ भारत की 345 करोड़ रुपये की डील, होंगे ये फायदे

MRSAM हवाई हमलों से सुरक्षा की तकनीक है. यह कई अलग-अलग रेंज की मिसाइलों के हमले से सुरक्षा कर सकती है. यह तकनीक जमीनी और समुद्री खतरों से भी रक्षा कर सकती है.

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Updated: July 17, 2019, 8:45 PM IST
नौसेना की मजबूती के लिए इजरायल के साथ भारत की 345 करोड़ रुपये की डील, होंगे ये फायदे
इजरायल और भारतीय नौसेना एक बीच एक मजबूत डिफेंस सिस्टम के लिए 345 करोड़ रुपये की डील हुई है (फाइल फोटो)
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Updated: July 17, 2019, 8:45 PM IST
इजरायल की सरकारी एजेंसी इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने बुधवार को कहा है कि भारतीय नौसेना और मझगांव डॉक शिपबिलडर्स को पूरक नेवल MRSAM (मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल) प्रणाली की आपूर्ति करने के लिए 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का सौदा किया है.

इजरायल एजेंसी ने बताया कि इस समझौते पर इसी हफ्ते हस्ताक्षर हुए हैं. इसके अनुसार यह इजरायली कंपनी न सिर्फ भारतीय नौसेना के बिगड़ने वाले उपकरणों के लिए बेहतरीन रखरखाव की तकनीक मुहैया कराएगी और अन्य सेवाएं देगी बल्कि IAI वायुरक्षा प्रणाली प्रणाली वाला MRSAM डिफेंस सिस्टम भी देगी.

भारतीय नौसेना के लिए विकसित की जा सकेगी एडवांस तकनीक
आईएआई में सिस्टम्स, मिसाइल्स एंड स्पेस ग्रुप के कार्यकरी उपाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक बोआज लेवी ने सौदे को एक बड़ी ‘सफलता’ करार दिया. कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक बोआज लेवी ने इस सौदे को अपनी सफलता बताया है. लेवी ने कहा है कि यह समझौता मेरे लिए एक सफलता है. इससे हम अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इस तकनीक के विकास और इसकी आपूर्ति के क्षेत्र में और भी बेहतर काम कर सकते हैं.

नौसेना के लिए पहले भी किया जा चुका है एडवांस तकनीक का परीक्षण
लेवी ने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना का हमारी कंपनी के साथ मजबूत रिश्ता हमारी कई सारी गतिविधियों में दिखाई देता है. हमने हाल ही में भारत में एक मल्टी सिस्टम ट्रायल को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया था. इसमें हमने वायु रक्षा प्रणाली की उन्नत तकनीक का प्रदर्शन किया था. यह हमारे सहयोगियों (नौसेना) को संतुष्टि देने वाली बात थी.

एडवांस उपकरणों से लैस होगा इजरायली डिफेंस सिस्टम
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MRSAM हवाई हमलों से सुरक्षा की तकनीक है. यह कई अलग-अलग रेंज की मिसाइलों के हमले से सुरक्षा कर सकती है. यह तकनीक जमीनी और समुद्री खतरों से भी रक्षा कर सकती है. इसमें कई सारे सुरक्षा उपकरण जिसमें डिजिटल राडार, कमांड और कंट्रोल, लॉन्चर और इंटरसेप्टर भी लगे हुए हैं. ये सारे ही उपकरण एडवांस तकनीक के हैं.

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First published: July 17, 2019, 8:45 PM IST
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