चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग पर भावुक हुए ISRO के चेयरमैन, कहा- 7 दिन से घर-परिवार छोड़कर जुटी रही टीम

पिछले दिनों तकनीकी खराबी के चलते आखिरी वक्त पर चंद्रयान-2 को लांच नहीं किया जा सका था

News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 8:07 PM IST
चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग पर भावुक हुए ISRO के चेयरमैन, कहा- 7 दिन से घर-परिवार छोड़कर जुटी रही टीम
पिछले दिनों तकनीकी खराबी के चलते आखिरी वक्त पर चंद्रयान-2 को लांच नहीं किया जा सका था
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Updated: July 22, 2019, 8:07 PM IST
चंद्रयान 2 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 2:43 मिनट पर चंद्रयान-2 को लॉन्च किया. लॉन्चिंग के बाद ISRO के चेयरमैन के सिवन ने कहा कि ये एक ऐतिहासिक पल है.

सिवन ने कहा, ''चांद की तरफ भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत हुई है. हम हर बार की तरह अपने मैनेजमेंट की तरफ से दिए गए काम को पूरा करेंगे. चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग से हमने अपने तिरंगे को सम्मान दिया है.''

पिछले दिनों तकनीकी खराबी के चलते आखिरी वक्त पर चंद्रयान-2 को लांच नहीं किया जा सका था. के सिवन ने कहा कि टीम इसरो ने अपना घर-परिवार छोड़कर पिछले 7 दिनों में चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए दिन-रात एक कर दिया.

ISRO के चेयरमैन के सिवन


चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग चांद के साउथ पोल पर एक रोवर को उतारने के उद्देश्य से की जा रही है. अभी तक इस जगह पर कोई भी देश नहीं पहुंचा है. चांद के साउथ पोल पर स्पेसक्राफ्ट उतारने के बाद भारत ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा.

चंद्रयान-1 मिशन का नया एडिशन है चंद्रयान-2
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चंद्रयान-2 वास्तव में चंद्रयान-1 मिशन का ही नया एडिशन है. इसमें ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं. चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था. चंद्रयान-2 के जरिये भारत पहली बार चांद की सतह पर लैंडर उतारेगा. ये लैंडिंग चांद के साउथ पोल पर होगी. इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर स्पेसक्राफ्ट उतारने वाला पहला देश बन जाएगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि चांद से लाएगा दक्षिण ध्रुव की जानकारियां
"चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के बाद पीएम मोदी ने इसरो को बधाई दी. उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट में लिखा, चंद्रयान-2 अपने आप में खास है क्योंकि यह चांद की सतह पर दक्षिणी ध्रुव को जानेगा और इसका अध्ययन करेगा, जिसके बारे में अभी तक खास जानकारी नहीं है और यहां से किसी भी पिछले मिशन में नमूने नहीं जुटाए गए हैं. यह मिशन चांद के बारे में नई जानकारियां लाएगा."

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First published: July 22, 2019, 7:00 PM IST
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