चंद्रयान ने फिर भेजीं चांद की ये तस्वीरें, 7 सितंबर को होगा बड़ा दिन

अंतरिक्ष एजेंसी (Space Agency) इसरो (ISRO) ने भारत (India) के चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) उपग्रह से ली गई तस्वीर जारी की हैं. इसरो की तरफ से ट्वीट कर इसकी जानकरी दी गई.

News18Hindi
Updated: August 26, 2019, 7:10 PM IST
चंद्रयान ने फिर भेजीं चांद की ये तस्वीरें, 7 सितंबर को होगा बड़ा दिन
अंतरिक्ष एजेंसी (Space Agency) इसरो (ISRO) ने भारत (India) के चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) उपग्रह से ली गई तस्वीर जारी की हैं. इसरो की तरफ से ट्वीट कर इसकी जानकरी दी गई.
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Updated: August 26, 2019, 7:10 PM IST
अंतरिक्ष एजेंसी (Space Agency) इसरो (ISRO) ने भारत (India) के चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) उपग्रह से ली गई तस्वीर जारी की हैं. इसरो की तरफ से ट्वीट कर इसकी जानकरी दी गई. इसरो की तरफ से ट्वीट किया गया- '23 अगस्त को चंद्रयान 2 के टेरेन मैपिंग कैमरा -2 (TMC-2) द्वारा लूनर सतह पर लगभग 4375 किमी की ऊंचाई पर जैक्सन, मच, कोरोलेव और मित्रा नाम के खड्डे (डॉ शिशर कुमार मित्रा द्वारा दिए गए नाम) दिखाई दे रहे हैं. बता दें यह उपग्रह वर्तमान में चंद्रमा की कक्षा में मौजूद है.'

इससे पहले गुरुवार को भी इसरो ने इस तरह की तस्वीरें जारी की थीं. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के शहर में स्थित मुख्यालय ने बताया कि चंद्रयान-2 के एलआई4 कैमरा ने चंद्रमा की यह तस्वीर उसकी सतह से 2,650 किलोमीटर की ऊंचाई से 21 अगस्त को ली थी. अंतरिक्ष एजेंसी ने चार अगस्त को चंद्रयान-2 उपग्रह से ली गई पृथ्वी की तस्वीरों का पहला सेट जारी किया था.

Isro, Lunar Eclipse
इसरो की ओर से जारी की गई ताजा तस्वीरें (Twitter)


सात सितंबर को चांद की सतह पर उतरेगा चंद्रयान

बता दें चंद्रयान-दो, तीन-मॉड्यूल अंतरिक्ष यान है जिसमें ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर है. इसे 22 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया था. यह सात सितंबर को चांद की सतह पर उतरेगा. बेंगलुरु में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक इस प्रक्रिया में शामिल होंगे. सात सितंबर को तड़के एक बजकर 55 मिनट तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है.

वैश्विक स्तर पर बड़ा मिशन
इसरो अध्यक्ष के सिवन के मुताबिक इसके रात लगभग 1.40 बजे सॉफ्ट लैंडिंग (चांद की सतह पर) करने और रात 1.55 बजे तक पूरा हो जाने की उम्मीद है. वैश्विक स्तर पर यह एक महत्वपूर्ण मिशन है. हर किसी ने बड़ी उत्सुकता से इस पर नजरें टिका रखी हैं. चंद्रयान-2 गत 20 अगस्त को चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया था.
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इसरो ने कहा कि इसके बाद दो सितंबर को लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और चांद के इर्द-गिर्द 100 किलोमीटर X30 किलोमीटर की कक्षा में प्रवेश करेगा. सात सितंबर को जब लैंडर चांद की सतह पर उतेरगा तो तब उसके भीतर से ‘प्रज्ञान’ नाम का रोवर बाहर निकलेगा और अपने पहियों पर चलते हुए चांद की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा.

‘सॉफ्ट लैंडिंग’ में कामयाबी मिलते ही रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत ऐसा कार्य करने वाला दुनिया का चौथा देश और चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: August 26, 2019, 7:10 PM IST
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