दुश्मनों पर नजर रखेगी ISRO की सैटेलाइट 'EOS-01', भारतीय सेना की बढ़ेगी ताकत

इसरो 7 नवंबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च करेगा सैटेलाइट 'EOS-01'.
इसरो 7 नवंबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च करेगा सैटेलाइट 'EOS-01'.

इसरो (ISRO) के वैज्ञानिक सैटेलाइट 'EOS-01' को 7 नवंबर को श्रीहरिकोटा (Sriharikota) के सतीश धवन स्पेस सेंटर (Satish Dhawan Space Centre) से दोपहर 3:02 मिनट पर लॉन्च करेंगे. सैटेलाइट 'EOS-01' के साथ ही 9 कस्टमर सैटेलाइट भी लॉन्च करने की तैयारी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 7:47 AM IST
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नई दिल्ली. दुश्मन देशों पर नजर रखने के लिए इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) अगले महीने सैटेलाइट 'EOS-01' (अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट) लॉन्च करने जा रहा है. इस सैटेलाइट (Satellite) की खास बात ये होगी कि इसे PSLV-C49 रॉकेट (Rocket) से लॉन्च किया जाएगा. बता दें कि इसरो के वैज्ञानिक सैटेलाइट 'EOS-01' को 7 नवंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 3:02 मिनट पर लॉन्च करेंगे.

ISRO की ओर से इस बात की जानकारी देते हुए कहा गया है कि सैटेलाइट 'EOS-01' के साथ ही 9 कस्टमर सैटेलाइट भी लॉन्च करने की तैयारी है. इन सभी सैटेलाइट को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ एक कॉमर्शियल एग्रीमेंट के तहत लॉन्च किया जाएगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक सैटेलाइट 'EOS-01', अर्थ ऑब्जरवेशन रिसेट सैटेलाइट की एक एडवांस्ड सीरीज है. इस सैटेलाइट की मदद से किसी भी मौसम में पृथ्वी पर नजर रखी जा सकेगी.


बता दें कि इस सैटेलाइट में सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) का इस्तेमाल किया गया है जो दुश्मन की किसी भी हरकत पर नजर रखने में कारगर साबित होगी. इस सैटेलाइट की मदद से बादलों के बीच भी पृथ्वी पर नजर रखी जा सकती है.



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इस तरह से मिलेगा फायदा
इस सैटेलाइट से भारतीय सेना दुश्मनों पर आसानी से नजर रख सकेगी. चीन की ओर से पिछले कई महीनों से जिस तरह से पूर्वी लद्दाख पर तनाव की स्थिति बनी हुई है, उसे देखने के बाद ये सैटेलाइट सीमा पर पैनी नजर रखेगी. इसके साथ ही पाकिस्तान की ओर से जिस तरह से आतंकी घुसपैठ की घटना को अंजाम दिया जाता रहा है, उसे देखते हुए भी ये सैटेलाइट भारतीय सेना की काफी मदद करेगी. इसके साथ ही सैटेलाइट का इस्तेमाल खेती, फॉरेस्ट्री और बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखने जैसे सिविल एप्लिकेशन के लिए भी किया जाएगा.
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