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अंतरिक्ष में नई जेनरेशन का रॉकेट भेजेगा इसरो, जानें कब होगा लॉन्‍च

इसरो अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि एसएसएलवी छोटे उपग्रहों की किफायती मांग के मद्देनजर विकसित किया गया है.

इसरो अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि एसएसएलवी छोटे उपग्रहों की किफायती मांग के मद्देनजर विकसित किया गया है.

ISRO News: इसरो अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि एसएसएलवी छोटे उपग्रहों की किफायती मांग के मद्देनजर विकसित किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 6:49 PM IST
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बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ((ISRO) नई जेनरेशन के अपने छोटे रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है. संगठन ने छोटे उपग्रहों के उभरते वैश्विक प्रक्षेपण बाजार के मद्देनजर छोटे लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) का विकास शुरू किया था. इसरो के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि एसएसएलवी-डी1 को मार्च के अंत में या अप्रैल के शुरू में लॉन्‍च किए जाने की संभावना है.

अंतरिक्ष विभाग के सचिव एवं इसरो अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि एसएसएलवी छोटे उपग्रहों की किफायती मांग के मद्देनजर विकसित किया गया है. सिवन ने पूर्व में कहा था कि एसएसएलवी के कलपुर्जों को महज 72 घंटे में जोड़ा जा सकता है. इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष जी नारायण ने कहा कि विश्व में छोटे प्रक्षेपण यानों की मांग में वृद्धि हुई है और इसीलिए इस पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का नया प्रोजेक्‍ट 'बेबी पीएसएलवी' (Baby PSLV) अभी पूरी तरह से तैयार भी नहीं हुआ है. इससे पहले ही इसरो को इस स्‍मॉल सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (SSLV) की सेवा लेने वाले मिल गए है. अंतरिक्ष उद्योग में इस तरह का सौदा पहले कभी नहीं सुना गया है. इसरो को इस रॉकेट के पूरी तरह से आकार लेने से महीनों पहले ही अमेरिका की एक कंपनी की ओर से व्‍यावसायिक पेशकश मिल गई है.
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अमेरिकी कंपनी स्‍पेसफ्लाइट ने खरीदी पूरी दूसरी उड़ान
विशेषज्ञों का कहना है कि स्‍मॉल सैटेलाइट का वैश्विक कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में 'बेबी पीएसएलवी' का यह प्रोजेक्‍ट इसरो के लिए सोना उगलने वाली परियोजना साबित हो सकता है. अमेरिका के सिएटल की कंपनी स्‍पेसफ्लाइट ने एसएसएलवी की पूरी दूसरी उड़ान खरीद ली है. उम्‍मीद की जा रही है कि बेबी पीएसएलवी के जरिये इसरो अगले साल की शुरुआत में चार सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्‍थापित करेगा.



छोटे सैटेलाइट को पृथ्‍वी की निचली कक्षा में करेगा स्‍थापित
बेबी पीएसएलवी परियोजना फिलहाल ड्रॉइंग से कुछ आगे ही बढ़ी है. ऐसे में यह अप्रत्‍याशित है कि बिना कोई सफल लॉन्‍च के ही किसी परियोजना को व्‍यावसायिक खरीदार मिल जाए. एसएसएलवी इसरो का नया लॉन्‍च व्‍हीकल है, जिसके जरिये छोटे सैटेलाइट को अलग-अलग कक्षाओं में स्‍थापित करने की वैश्विक मांग को पूरा किया जाएगा. यह नया रॉकेट 500 किग्रा के सैटेलाइट को पृथ्‍वी की निचली कक्षाओं में स्‍थापित कर सकेगा. इसरो के चेयरमैन डॉ. के. सिवान ने एनडीटीवी को बताया कि यह छोटा रॉकेट कम खर्च में हल्‍के सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्‍थापति करने का जरिया बनेगा.
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