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West Bengal Elections: दिलीप घोष बोले- आधार बढ़ाने के लिए अन्य पार्टियों से नेताओं को BJP में शामिल करना जरूरी

घोष ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी को बंगाल में अपना आधार विस्तारित करने और सत्ता में आने के लिए अन्य राजनीतिक संगठनों से लोगों को जोड़ने की जरूरत है.
घोष ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी को बंगाल में अपना आधार विस्तारित करने और सत्ता में आने के लिए अन्य राजनीतिक संगठनों से लोगों को जोड़ने की जरूरत है.

तृणमूल कांग्रेस से नेताओं को पार्टी में शामिल करने को लेकर राज्य के कुछ हिस्सों में पार्टी में अंदरूनी खींचतान की खबरों के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा, चाहे कोई भी पार्टी में शामिल हो, मैं यह कहना चाहूंगा कि सभी को पार्टी के नियमों और कायदों का पालन करना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 11:27 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) से पहले राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने रविवार को इन आशंकाओं को खारिज किया कि पार्टी के पुराने नेताओं से अधिक महत्व अन्य दलों से पार्टी में आने वालों को दिया जाएगा. इससे भाजपा के कुछ नाराज नेताओं को कुछ राहत मिली है. घोष ने कहा कि राजनीतिक निष्ठा बदलने से हमेशा महत्वपूर्ण पद मिलने की गारंटी नहीं होती है.

पश्चिम बंगाल में भाजपा एक बढ़ती हुई ताकत
घोष ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि पार्टी को बंगाल में अपना आधार विस्तारित करने और सत्ता में आने के लिए अन्य राजनीतिक संगठनों से लोगों को जोड़ने की जरूरत है. घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि हर किसी को पार्टी के नियमों और कायदों का पालन करना है, चाहे वे पुराने हों या नये. उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में भाजपा एक बढ़ती हुई ताकत है. प्रत्येक बीतते दिन के साथ हमारा संगठन मजबूत हो रहा है, तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य दलों के लोग हमसे जुड़ रहे हैं. यदि हम लोगों को अन्य संगठनों से नहीं लेते हैं, तो हम कैसे बढ़ेंगे?’’


तृणमूल कांग्रेस से नेताओं को पार्टी में शामिल करने को लेकर राज्य के कुछ हिस्सों में पार्टी में अंदरूनी खींचतान की खबरों के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा, ‘‘चाहे कोई भी पार्टी में शामिल हो, मैं यह कहना चाहूंगा कि सभी को पार्टी के नियमों और कायदों का पालन करना होगा. कोई भी पार्टी के ऊपर नहीं है.’’ भाजपा पार्टी सूत्रों के अनुसार पार्टी के कई काडर और आरएसएस कुछ नेताओं के पार्टी में शामिल होने से बहुत खुश नहीं हैं.



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घोष ने कहा, ‘‘कुछ नेताओं के खिलाफ शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन सभी को यह समझना होगा कि हर कोई जो हमारे साथ जुड़ता है, उसे महत्वपूर्ण पद नहीं दिया जाएगा. लोकतंत्र में संख्या बल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हमें (सत्ता में आने के लिए) संख्या प्राप्त करनी है.’’

गत दो वर्षों में शुवेन्दु अधिकारी, 14 अन्य विधायकों और एक मौजूदा सांसद सहित कई वरिष्ठ नेता तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए हैं. साथ ही वाम मोर्चे के तीन विधायक और चार कांग्रेस विधायक भी भाजपा में शामिल हुए हैं.

भ्रष्टों को स्वच्छ बनाती है बीजेपी
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इन आरोपों पर कि भाजपा एक ‘‘वॉशिंग मशीन’’ बन गई है जो अन्य पार्टियों से पार्टी में शामिल होने वाले भ्रष्टों को स्वच्छ बनाती है, घोष ने कहा कि किसी को पार्टी में शामिल करना उनके गलत कामों को सही ठहराना नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी को या किसी भी चीज को प्रमाणित या न्यायोचित नहीं ठहरा रहे हैं. यदि कोई दोषी साबित होता है, तो उसे नतीजे भुगतने होंगे. वह तृणमूल कांग्रेस है जो भ्रष्टाचार की संस्कृति में विश्वास करती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे समाज में, लोगों का एक वर्ग राजनीति में है और ये वर्ग जहां भी जाता है, उस पार्टी की ताकत बढ़ती है. अगर कुछ राजनेता हमारे साथ जुड़ने के इच्छुक हैं, तो हम उनका स्वागत करेंगे.
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