लौंग-अजवाइन की पोटली सूंघकर ऑक्सीजन लेवल बढ़ाया जा सकता है? जानें सच्चाई

लौंग और अजवाइन की पोटली को सूंघकर ऑक्सीजन लेवल बढ़ने की बात है गलत Image Credit : Pixabay

लौंग और अजवाइन की पोटली को सूंघकर ऑक्सीजन लेवल बढ़ने की बात है गलत Image Credit : Pixabay

कोरोना (Corona) के बढ़ते केस के बीच एक वीडियो तेजी से वायरल (Video Viral) हो रहा है कि अगर कपूर, लौंग, अजवाइन और नीलगिरी के तेल की एक पोटली बनाकर सूंघा जाए तो ऑक्‍सीजन लेवल बढ़ाया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 11:12 AM IST
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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना (Corona) का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है. इस बार कोरोना संक्रमण (Corona Infection के चलते कोरोना मरीजों में ऑक्‍सीजन (Oxygen) लेवल काफी कम हो जा रहा है, जिसके कारण मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं. कोरोना के बढ़ते केस के बीच एक वीडियो तेजी से वायरल (Video Viral) हो रहा है कि अगर कपूर, लौंग, अजवाइन और नीलगिरी के तेल की एक पोटली बनाकर सूंघा जाए तो ऑक्‍सीजन लेवल बढ़ाया जा सकता है.

ऑक्‍सीजन बढ़ाने के इस देसी इलाज का वीडियो सोशल मीडिया पर इतना तेजी से वायरल हुआ कि दिग्गज नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इसे शेयर कर दिया. उन्होंने फेसबुक पर इसे 'सेहत की पोटली' का कैप्शन दिया है. अपनी पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा, कपूर, लौंग और अजवाइन का मिश्रण बनाकर इसमें कुछ बूंदे नीलगिरी के तेल को मिलाकर इस तरह की पोटली बना लें और अपने दिनभर के कामकाज के दौरान बीच-बीच में सूंघते रहें. यह ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने में मदद करता है.

हालांकि वैज्ञानिक इस बात से इक्‍तेफाक नहीं रखते. उनका कहना है कि इस तरह की पोटली को बार बार सूंघन से कई तरह के साइड इफेक्‍ट सामने आ सकते हैं.


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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर वैज्ञानिकों की राय

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जवाइन, लौंग, कपूर और नीलगिरी के बूंदों वाली पोटली को लेकर वैज्ञानिक कहते हैं कि इसका कोरोना वायरस से कोई लेनादेना नहीं है. कपूर एक ज्‍वलनशील सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ है जिसमें तेस सुगंध होती है. दर्द और खुजली कम करने के लिए इसका इस्‍तेमाल शरीर पर किया जा सकता है. कपूर खास तौर पर बच्‍चों के लिए काफी नुकसान देह साबित हो सकता है. ये एक मिनट के अंदर गंभीर विषाक्त पदार्थ पैदा कर सकता है.



अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ पॉइजन कंट्रोल सेंटर की साल 2018 में आई रिपोर्ट के मुताबिक USA में कपूर के जहर के लगभग 9,500 मामले थे, जिनमें से 10 लोगों की जान खतरे में थी. यहां तक की कपूर सूंघने से कई लोग दिव्यांग भी हुए. FDA भी कपूर के इस्‍तेमाल की सलाह नहीं देता है. एफडीए का मानान है कि इससे शरीर में विषाक्तता पैदा हो सकती है जो नुकसान पहुंचा सकते हैं.

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लौंग से नहीं बढ़ता ऑक्सीजन लेवल

लौंग के बारे में बताया गया है कि लौंग, दालचीनी, जायफल और तुलसी में यौगिक यूजेनॉल मौजूद है जो टॉक्सिसिटी का कारण है. शोध में इस तरह के कोई सबूत नहीं मिले हैं जो ये बताने में कारगर हों कि लौंग से ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाया जा सकता है.

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​अजवाइन पर भी नहीं कोई ऐसा शोध

लौंग और कपूर की तरह कैरम बीज यानी अजवाइन और नीलगिरी के तेल दोनों पदार्थों के लिए को लेकर कोई ऐसा शोध नहीं किया गया है. ऐसा कोई शोध अभी सामने नहीं आया है जो ये बताए कि इस तरह की पोटली को सूंघने से ऑक्सीजन लेवल में सुधार होता है.
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