आरोग्य सेतु ऐप पर RTI मामले में हुई चूक से नाराज है आईटी मंत्रालय, अधिकारियों पर होगी कार्रवाई!

आरोग्य सेतु ऐप के विकास पर सरकार ने दिया जवाब.
आरोग्य सेतु ऐप के विकास पर सरकार ने दिया जवाब.

Arogya Setu App: 8 अप्रैल 2020 को ही आईटी मंत्रालय ने आरोग्य सेतु के कामकाज को देखने के लिए 6 सदस्यीय एक ग्रुप बना दिया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 4:48 PM IST
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नई दिल्ली. आरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है. इस ऐप पर एक आरटीआई से जुड़े सवाल के बाद सीआईसी ने आईटी मंत्रालय (IT Ministry) से जब जानकारी मांगी तो एक बेतुका सा जवाब आया कि मंत्रालय को इसके बारे में नही पता. इस जवाब ने बवाल खड़ा कर दिया. क्योंकि आयोग्य सेतु ऐप को कोरोना काल में ही काफी कम समय में विकसित किया गया था. इस जवाब के बाद मंत्रालय के जवाबदेह अधिकारियों को तलब भी किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

मामले ने तूल पकड़ा तो मंत्रालय का आला अधिकारी हरकत में आ गए. आईटी मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 8 अप्रैल 2020 को ही आईटी मंत्रालय ने आरोग्य सेतु के कामकाज को देखने के लिए 6 सदस्यीय एक ग्रुप बना दिया था. डीजी एनआईसी को इसका मिशन चीफ बनाया गया था. फिर भी आरटीआई में आरोग्य सेतु के बारे में सही जानकारी नहीं देना अधिकारियों की एक चूक है. सूत्रों के मूताबिक जिन अधिकारियों से यह गलती हुई है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

इस ऐप को खुद पीएम मोदी ने लॉन्च किया था और मंत्रालय ने बताया था कि दुनिया भर की श्रेष्ठ तकनीक को अपनाते हुए ये ऐप विकसित किया गया है. आरोग्य सेतु ऐप को लेकर केन्द्रीय सूचना आयोग के आदेश के बाद सूचना और प्रौध्योगिकी मंत्रालय ने आरोग्य सेतु को लेकर सफाई जारी करने में देर नहीं लगायी. मंत्रालय ने दो टूक कहा कि कोविड 19 को रोकने में आरोग्य सेतु ऐप के रोल पर कोई संशय नहीं होना चाहिए. कोरोना काल में ये ऐप 21 दिन के रिकॉर्ड समय में बनाया गया था ताकि कोरोना पर काबू पाने में देश में बने ऐप का फायदा उठाया जा सके. साथ ही साथ इसी ऐप से कोरोना पॉजिटिव लोगों के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का भी काम हो सके.



कई सारी तकनीकों के साथ विकसित किया गया है ऐप
आरोग्य सेतु ऐप भारत के उद्योग, शिक्षा, और सरकार के जुडे श्रेष्ठ दिमागों की ये उपज थी. इसे बहुत ज्यादा पारदर्शी तरीके से विकसित किया गया है. जिसमें प्राइवेसी पॉलिसी से लेकर डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल तक का बंदोबस्त है. आरोग्य सेतु ऐप के रेगुलर अपडेट भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म और सरकारी पोर्टल पर आते रहते हैं. इस ऐप के माध्यम से जिन्हे भी टेस्ट कराने की सलाह दी गयी उनमें 25 फीसदी पॉजिटिव निकले. साथ ही इस ऐप से हॉट स्पॉट की पहचान करने में आसानी हुई. आटी मंत्रालय का दावा है कि आरोग्य सेतु ऐप से भारत को कोरोना से जंग लड़ने में खासी मदद मिली है. हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना को काबू में करने में इस ऐप के रोल की तारीफ की है.

जाहिर है जब पूरा का पूरा तंत्र इस ऐप को आत्मनिर्भऱ भारत की देन बता रहा है, एक छोटी सी गलत सूचना ने सबके लिए फजीहत खडी कर दी है. इसलिए मंत्रालय का शीर्ष नेतृत्व भी इसे भूलने के मूड में नजर नही आ रहा है.
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