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कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में खड़ा ITBP का 999 मेडिकल कैंप

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: March 22, 2020, 12:49 PM IST
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में खड़ा ITBP का 999 मेडिकल कैंप
आइटीबीपी मेडिकल कैंप से 518 नागरिकों भेजा घर

आइटीबीपी मेडिकल कैंप पर पहुंचने वाले कुल नागरिकों की तादाद 999 हो गई है. इसमें से 518 नागरिकों को उनके घर भेज दिया गया है.

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  • Last Updated: March 22, 2020, 12:49 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले 1 महीने से आइटीबीपी छावला कैंप में विदेश से आए भारतीय और विदेशी नागरिकों को कोरोना वायरस खतरे की रोकथाम के लिए क्वॉरेंटाइन यानी अकेले में रखा जाता है. 14 दिन की इनकी स्क्रीनिंग के बाद अगर इन नागरिकों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है तो इन्हें आगे उपचार के लिए भेजा जाता है वरना घर भेज दिया जाता है. पिछले 50 दिनों से जब से यह शुरू हुआ है इस मेडिकल कैंप में आए दो नागरिकों का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव भी निकला है जिसके बाद उन्हें उचित उपचार के लिए अन्य अस्पताल भेज दिया गया है.

518 लोगों को भेजा गया घर
रविवार सुबह 10:30 बजे इटली के रोम से आए 263 भारतीय नागरिकों को इस कैंप में ले जाया गया, जहां इन्हें 14 दिन तक कोरोना वायरस खतरे के मद्देनजर स्क्रीनिंग के लिए रखा जाएगा. इन नागरिकों के आइटीबीपी मेडिकल कैंप पर पहुंचने के साथ ही इस कैंप की शुरुआत से अब तक यहां पहुंचने वाले कुल नागरिकों की तादाद 999 हो गई है. इसमें से 518 नागरिकों ने कोरोना वायरस खतरे के मद्देनजर क्वॉरेंटाइन की जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है जिसके बाद उन्हें उनके घर भेज दिया गया है. 218 लोग फिलहाल अभी क्वारंटाइन प्रक्रिया में चल रहे हैं, और अब 263 लोग इटली से आज सुबह यहां पर पहुंचे हैं. फिलहाल अब यहां मौजूद नागरिकों की तादाद 483 हो चुकी है.

1000 बेड हैं क्वारेनटाइन सेंटर में



इस क्वारेनटाइन सेंटर में 1000 बेड हैं जिन्हें करीब 2 महीने पहले भारत सरकार के आदेश के बाद आईटीबीपी ने महज कुछ ही दिनों में तैयार किया था. 14 दिनों के दौरान नागरिकों को क्या डाइट दी जानी चाहिए किस तरीके के उनको एहतियात बरतनी चाहिए और क्या उनकी दिनभर की गतिविधियां हो इसका पूरा खाका इस कैंप में एक विशेष टीम तैयार करती है. इस कैंप में भारतीयों के अलावा विदेशी नागरिकों को भी रखा गया है चीन , इटली व अन्य देशों से नागरिक यहां पर आए हैं.

आइटीबीपी प्रवक्ता विवेक पांडेय का कहना है कि पिछले 50 दिन बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं क्योंकि एक एक बैच जब आता है तो वह इस मेडिकल कैंप के कर्मियों के लिए अलग अनुभव होता है कि वहां पर कैसी आपबीती थी इन पर. इस आधार पर यह टीम अपनी रणनीति तैयार करती है कि कैसे इन नागरिकों का इलाज और बेहतर तरीके से किया जा सके.जाते वक्त गुलाब का फूल देकर इस कैंप से नागरिकों को विदा किया जाता है.

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First published: March 22, 2020, 12:49 PM IST
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