कर्नाटक के CM येदियुरप्पा का बड़ा दांव, वीरशैव-लिंगायत समुदाय के लिए बनेगा निगम

सीएम खुद भी इसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. (फाइल फोटो)
सीएम खुद भी इसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. (फाइल फोटो)

येदियुरप्पा ने कर्नाटक वीरशैव-लिंगायत विकास निगम ((Veerashaiva-Lingayat Development Corporation)) का तत्काल प्रभाव से गठन करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि एक दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी के नेतृत्व में कुछ मंत्रियों और भाजपा विधायकों ने येदियुरप्पा से भेंट कर निगम के गठन का अनुरोध किया था.

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  • Last Updated: November 17, 2020, 10:11 PM IST
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बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा (Chief Minister BS Yediyurappa) ने राज्य में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली वीरशैव-लिंगायत समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए एक निगम (Veerashaiva-Lingayat Development Corporation) के तत्काल गठन का मंगलवार को आदेश दिया. खुद भी इसी समुदाय से आने वाले येदियुरप्पा ने कर्नाटक वीरशैव-लिंगायत विकास निगम (केवीएलडीसी) का तत्काल प्रभाव से गठन करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि एक दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी के नेतृत्व में कुछ मंत्रियों और भाजपा विधायकों ने येदियुरप्पा से भेंट कर निगम के गठन का अनुरोध किया था.

'आर्थिक सामाजिक फायदा पहुंचाने के लिए उठाया कदम'
मुख्यमंत्री ने अपने आदेश में कहा, ‘राज्य में वीरशैव-लिंगायत समुदाय की आबादी बहुत ज्यादा है, उनमें से काफी लोग आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हुए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘चूंकि समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए कर्नाटक वीरशैव-लिंगायत विकास निगम की स्थापना की आवश्यकता है, इसलिए तत्काल इस निगम के गठन का आदेश दिया जाता है.’ गौरतलब है कि येदियुरप्पा ने हाल ही में कर्नाटक मराठा विकास प्राधिकरण की स्थापना की भी घोषणा की है.

उठ रहे हैं विरोध के सुर भी
हालांकि जाति आधारित इस बोर्ड को लेकर आम लोगों के बीच राय बंटी हुई है. लोगों का यह भी मानना है कि ये निर्णय राजनीतिक फायदे के लिए किया गया है. कुछ लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं तो कुछ इसमें खामियां बता रहे हैं. खामियां गिनाने वालों का तर्क है कि इससे समाज में जातियों के बीच खाई और ज्यादा चौड़ी होती जाएगी. कांग्रेस के बड़े नेता एमबी पाटिल ने सीएम के इस निर्णय को राजनीतिक स्टंट करार दिया है. उनका कहना है कि इससे जनता का कोई भला नहीं होने वाला है.





ब्राह्मण और आर्य वैश्य बोर्ड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पहले से मौजूद
गौरतलब है कि कर्नाटक में पहले से ही ब्राह्मण और आर्य वैश्य बोर्ड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन मौजूद है. ये कॉरपोरेशन सवर्ण जातियों के लिए बनाए गए हैं. इस निर्णय के विरोधियों का मानना है कि वीरशैव-लिंगायत समुदाय के लिए अलग बोर्ड बनाने की कवायद भविष्य में अन्य जातियों के बीच भी पहुंचेगी.
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