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जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की सिंगल डोज ही कोरोना के डेल्टा वेरिएंट को कर देगी बेअसरः रिसर्च

इस साल अप्रैल महीने में भारत में कोविड वैक्सीन ट्रायल के लिए आवदेन दिया था. (सांकेतिक फोटो)

इस साल अप्रैल महीने में भारत में कोविड वैक्सीन ट्रायल के लिए आवदेन दिया था. (सांकेतिक फोटो)

कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़ने के बाद इसके डर से कई देशों ने कोरोना प्रतिबंध एक बार फिर से लागू कर दिया है. कई ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट ने जहां एक तरफ दुनिया की चिंता बढ़ा दी है वहीं इन सबके बीच राहत की एक खबर ये है कि जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा बनाई गई वैक्सीन की एक सिंगल डोज ही कोरोना के डेल्टा और बीटा वेरिएंट को बेअसर करने में असरदार है. दक्षिण अफ्रीका में हुए एक क्लीनिकल ट्रायल में यह बात सामने आई है कि जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से होने वाली मौत के खतरे को कम करती है.

    दक्षिण अफ्रीका में किए गए अध्ययन सिसोनके में पाया गया है कि जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट के कारण अस्पताल में भर्ती होने से आपको 71% तक बचाता है, वीटा वेरिएंट के खिलाफ इसकी क्षमता 67 फीसदी है जबकि जीवन रक्षा के मामले में इसका प्रतिशत बढ़कर 96% हो जाती है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि अभी इस रिसर्च का डेटा किसी वैज्ञानिक पत्रिका में अभी नहीं छपी है.

    बता दें कि कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़ने के बाद इसके डर से कई देशों ने कोरोना प्रतिबंध एक बार फिर से लागू कर दिया है. कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह वेरिएंट इतना खतरनाक है कि इस पर वैक्सीन भी असर नहीं करती है. इस वजह से इस वेरिएंट का डर पूरी दुनिया में फैल गया है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षण ने लगभग 5,00,000 स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों में जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की एक खुराक का मूल्यांकन किया.

    सही तरीके से काम कर रही है वैक्सीन
    अध्ययन के सह-प्रमुख और निदेशक डॉ लिंडा-गेल बेकर ने कहा, “हमारा मानना है कि यह वैक्सीन वही कर रही है जो करने के लिए इसे बनाया गया था.” उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन को डिजाइन करने का मतलब था कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को आईसीयू की जरूरत न पड़े और यह मृत्यु को रोक सके.

    नहीं पड़ेगी बूस्टर शॉट की जरूरत
    डॉ. बेकर ने कहा कि हमने अध्ययन में पाया कि कोरोना के खिलाफ जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की एक खुराक लेने के बाद लोगों को बूस्टर शॉट की जरूरत नहीं पड़ी.

    वैक्सीन में क्या है खास?
    जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना वायरस से जीन लेकर ह्यूमन सेल तक पहुंचाने के लिए एडीनोवायरस का इस्तेमाल किया है. इसके बाद सेल कोरोनावायरस प्रोटीन्स बनाता है, न कि कोरोनावायरस. यही प्रोटीन बाद में वायरस से लड़ने में इम्यून सिस्टम की मदद करते हैं. एडीनोवायरस का काम वैक्सीन को ठंडा रखना होता है, लेकिन इसे फ्रीज करने की जरूरत नहीं होती है. जबकि, इस समय वैक्सीन के दो बड़े उम्मीदवार मॉडर्ना और फाइजर mRNA जैनेटिक मटीरियल पर निर्भर हैं.

    Tags: Corona vaccine, Corona Vaccine in India, Corona Vaccine Update

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