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कोवैक्सीन की संख्या बढ़ाने की तैयारी जोरों पर, J&J का सिंगल डोज दिसंबर तक मिलने की उम्मीद

कोवैक्सीन की संख्या बढ़ाने की तैयारी जोरों पर, J&J का सिंगल डोज दिसंबर तक मिलने की उम्मीद

जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson And Joshnson) कि सिंगल डोज वैक्सीन इस साल नवंबर और दिसंबर तक देश में आ सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson And Joshnson) कि सिंगल डोज वैक्सीन इस साल नवंबर और दिसंबर तक देश में आ सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Vaccination in India: अभी की प्राथमिकता भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की क्षमता बढ़ाने की है. कंपनी के अभी तीन प्लांट काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'अगस्त में हमें कोवैक्सीन के तीन करोड़ डोज मिल रहे हैं, जो सितंबर में बढ़कर चार करोड़ और अक्टूबर में 6-7 करोड़ हो जाएंगे.'

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नई दिल्ली. हाल ही में भारत में इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन (EUA) पाने वाली जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson And Johnson) की सिंगल डोज वैक्सीन (Single Dose Vaccine) इस साल नवंबर या दिसंबर तक देश में आ सकती है. इस बात की जानकारी एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने दी है. इसके अलावा कोविशील्ड (Covishield), कोवैक्सीन (Covaxin) और रूसी वैक्सीन स्पूतनिक (Sputnik) के बाद सरकार को जायडस कैडिला (Zydus Cadila) की डीएनए वैक्सीन मिलने की उम्मीद है. संभावना जताई जा रही है कि इस वैक्सीन को भी ड्रग रेग्युलेटर से जल्द ही मंजूरी मिल सकती है.

सूत्र ने कहा, ‘हम जायडस कैडिला से हर महीने दो करोड़ डोज की उम्मीद कर रहे हैं.’ बायोलॉजिकल-ई की इस वैक्सीन की शुरुआती खेप एक बार में सात करोड़ डोज होने का अनुमान है, क्योंकि सरकार की तरफ से अग्रिम भुगतान राशि 1500 करोड़ रुपये किए जाने के बाद कंपनी जोखिम पर निर्माण कर रही है. उन्होंने जानकारी दी कि कंपनी जल्द ही तुलनात्मक अध्ययन के लिए आवेदन देगी और उनका डेटा अच्छा है. इसके अलावा अक्टूबर में जेनोवा की वैक्सीन मिलने की भी उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: COVID-19: भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को मिली दूसरे क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी

सूत्र ने जानकारी दी कि अभी की प्राथमिकता भारत बायोटेक की क्षमता बढ़ाने की है. कंपनी के अभी तीन प्लांट काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘अगस्त में हमें कोवैक्सीन के तीन करोड़ डोज मिल रहे हैं, जो सितंबर में बढ़कर चार करोड़ और अक्टूबर में 6-7 करोड़ हो जाएंगे.’ उन्होंने बताया कि पहली खेप असफल होने के बाद भारत बायोटेक को नुकसान हुआ था. इधर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया हर महीने कीब 15 करोड़ डोज की सप्लाई करेगा और वह वैक्सीन निर्यात करने का भी इच्छुक है. सरकार ने सीरम को बता दिया है कि भारतीयों के लिए वैक्सीन प्राथमिकता है.

हालांकि, सरकार केवल स्पूतनिक V के एक करोड़ डोज पर निर्भर है, क्योंकि स्थानीय निर्माता वैक्सीन के दूसरे डोज को तैयार करने में परेशानियों का सामना कर रहे हैं. दूसरे डोज के कंपोनेंट पहले से अलग होते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कोवैक्सीन को मंजूरी मिलने पर सरकारी सूत्र ने बताया कि कुछ दिनों में डब्ल्युएचओ के पास अंतिम डोजियर पहुंचेगा और संगठन मंजूरी देने के लिए जल्द ही बैठक बुला सकता है.

Tags: Covaxin, Single Dose Vaccine, Vaccination in India, Zydus Cadila

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