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नहीं थम रही हरियाणा में जाट आरक्षण की आग, अबतक 8 लोगों की मौत!

नहीं थम रही हरियाणा में जाट आरक्षण की आग, अबतक 8 लोगों की मौत!

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजित डोभाल ने हरियाणा में कानून-व्यवस्था की समस्या पर दिल्ली में बैठक की।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजित डोभाल ने हरियाणा में कानून-व्यवस्था की समस्या पर दिल्ली में बैठक की।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजित डोभाल ने हरियाणा में कानून-व्यवस्था की समस्या पर दिल्ली में बैठक की।

    रोहतक/चंडीगढ़। हरियाणा में आज भी जाट आंदोलन उग्र रूप से जारी रहा। आंदोलनकारियों की भीड़ में घुसे असमाजवादी तत्वों ने कई स्थानों पर सरकारी संपत्तियों, बसों और दूसरे निजी वाहनों और संपत्तियों को जलाकर राख कर दिया। कई स्थानों पर राजमार्ग बाधित किए गए। जगह-जगह पर रेलगाड़ियों की पटरी उखाड़ने से रेल सेवाएं बंद करनी पड़ीं।

    हालात बिगड़ते देख सेना बुलानी पड़ी और हिंसाग्रस्त हिसार, सोनीपत और जींद जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके अलावा रोहतक, भिवानी, झज्जर, कैथल जिलों में भी हिंसा की कई घटनाएं देखी गईं।  राज्य में पांच लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

    केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजित डोभाल ने हरियाणा में कानून-व्यवस्था की समस्या पर दिल्ली में बैठक की। जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आंदोलनकारियों से हिंसा रोकने की अपील की और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत का आमंत्रण दिया।

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    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में जबतक स्थिति सामान्य नहीं होती, तबतक वह दिल्ली में जंतर मंतर पर शनिवार से भूख हड़ताल करेंगे। भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के नेता अभय चौटाला ने बिगड़ती स्थिति को देखते हुए खट्टर सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।

    जाट आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए आज राज्य के कई इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया। शुक्रवार को सुरक्षा बलों की गोली से तीन लोगों की मौत हो गई थी। आरक्षण की मांग को लेकर एक सप्ताह पहले शुरू हुआ जाट आंदोलन उग्र हो गया है, जिसे देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

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    सूत्रों के अनुसार, सैकड़ों जाट प्रदर्शनकारी आज दोपहर को भी रोहतक के कई हिस्सों में जमे रहे। स्थानीय प्रशासन की चेतावनी के बावजूद वे हटने के लिए तैयार नहीं हुए।

    यहां तक कि सेना भी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के गेट नंबर 2 के पास फ्लैग मार्च नहीं कर पाई, क्योंकि वहां लगभग 3,000 जाट युवा धारदार हथियारों से लैस होकर प्रदर्शन कर रहे थे।

    आंदोलनकारियों ने सोनीपत के गोहाना बस अड्डे पर कई बसें फूंक दी। महम कस्बे में एक पुलिस थाने को आग के हवाले कर दिया। जींद जिले में एक रेलवे स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया। झज्जर में एक धर्मशाला को जला कर राख कर दिया गया। वहीं, झुलाना और कैथल में कई शहरों में कई बसों को जला दिया गया।

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    पानीपत-रोहतक टोल प्लाजा को भी आंदोलनकारियों ने जला दिया। दिल्ली-अंबाला रेलवे पटरी को पानीपत जिले के राजलू गढ़ी जिले में उखाड़ दिया गया। हरियाणा के रोहतक, भिवानी और झज्जर जिलों में आज भी कर्फ्यू जारी है।

    हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई पी सिंहल ने बताया कि अबतक कुल 129 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार की तुलना में शनिवार को स्थिति सुधरी है। हरियाणा के गृह सचिव पी के दास ने कहा है कि रोहतक, भिवानी और झज्जर जिलों से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

    डीजीपी ने कहा है कि एक पेट्रोल पंप और सदर पुलिस थाने को आग से नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-1 को अवरुद्ध कर दिया है, लेकिन नाकाबंदी हटाने के प्रयास जारी हैं। प्रदेश में अबतक सेना की 30 कंपनियां पहुंच चुकी हैं तथा 10 और कंपनियों को हवाई मार्ग से लाया जा रहा है।
    सिघल ने बताया है कि इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं और 23 अतिरिक्त कंपनियां रास्ते में हैं, जो जल्द ही पहुंचने वाली हैं। इन्हें वायु मार्ग से और सड़क मार्ग से लाया जा रहा है।डीजीपी ने कहा कि हरियाणा में यह आंदोलन नेतृत्वविहीन है और हिंसा में बाहरियों का हाथ है।

    जाट समुदाय के आंदोलन का सबसे अधिक असर रोहतक जिले में देखा जा रहा है। यहां सेना की तैनाती हेलीकॉप्टरों के जरिए की गई है, क्योंकि आंदोलनकारियों ने सेना के जवानों के प्रवेश से संबंधित सभी सड़क मार्ग बंद कर दिए हैं। शहर में शुक्रवार रात भी लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुईं। अनियंत्रित भीड़ ने मॉल, दुकानों और अन्य इमारतों को निशाना बनाया और इनमें से कई को आग के हवाले कर दिया।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि करीब 20-30 जवानों को हेलीकॉप्टरों से रोहतक लाया गया है। उन्हें उन इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां जाट प्रदर्शनकारियों का सर्वाधिक प्रभाव है। रोहतक में प्रशासन ने सेना के फ्लैग मार्च को देखते हुए लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा।सेना ने भिवानी में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों के अनुसार, यहां स्थिति नियंत्रण में है।

    दिल्ली से 50 किलोमीटर दूर सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 (एनएच-1) को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दिया है। दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग भी शुक्रवार शाम से ही बंद है। रेलवे अधिकारियों द्वारा कई रेलगाड़ियां रद्द किए जाने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    सप्ताह भर पहले शुरू हुए इस आंदोलन के कारण करीब 550 रेलगाड़ियां या तो रद्द कर दी गईं या फिर उनके मार्ग बदल दिए गए। आंदोलन ने शुक्रवार को और भी उग्र रूप ले लिया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और सुरक्षा बल के जवानों सहित 10 से अधिक लोग घायल हो गए।

    भीड़ ने रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के कार्यालय पर भी हमला किया और राज्य के वित्तमंत्री अभिमन्यु के घर में भी आग लगा दी। जाट नेता हवा सिंह सांगवान का कहना है कि युवाओं ने आंदोलन को अपने हाथों में ले लिया है।

    अधिकारियों ने आंदोलन से प्रभावित कई जिलों में इंटरनेट और एसएमएस सेवा भी बंद कर दी है।हरियाणा के डीजीपी वाई. पी. सिंघल स्थिति का जायजा लेने हेलीकॉप्टर से रोहतक पहुंचे। सिंघल ने बताया कि हरियाणा में जब इस सप्ताह आंदोलन शुरू हुआ था, तो उस दौरान पुलिस जवान पर्याप्त रूप में तैनात नहीं थे।

    Tags: Bhiwani, Rohtak

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