जगन ने राज्य के धोबी, नाई और दर्जियों को दिये 10-10 हजार, इस बड़े हेयरड्रेसर ने तारीफ की

जगन ने राज्य के धोबी, नाई और दर्जियों को दिये 10-10 हजार, इस बड़े हेयरड्रेसर ने तारीफ की
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की फाइल फोटो

इस योजना को मुख्यमंत्री के नाम पर ‘जगन्ना चेडोडू’ (Jagananna Chedodu) नाम दिया गया है. इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने ताडेपल्ली (Tadepalli) के अपने ऑफिस में लाभकर्ताओं को पैसे ट्रांसफर (Money Transfer) कर इसकी शुरुआत की.

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अमरावती. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में वाई एस जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) सरकार ने एक और लोकलुभावन योजना शुरूआत की है जिसके तहत मुख्यमंत्री (CM) ने बुधवार को 2.47 लाख से अधिक धोबी (washer man), नाई (barber) और दर्जियों (tailor) को 247 करोड़ रुपये वितरित किये गए.

इस योजना को मुख्यमंत्री के नाम पर ‘जगन्ना चेडोडू’ (Jagananna Chedodu) नाम दिया गया है. इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने ताडेपल्ली (Tadepalli) के अपने ऑफिस में लाभकर्ताओं को पैसे ट्रांसफर (Money Transfer) कर इसकी शुरुआत की. इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को 10 हजार रुपये दिये गए हैं.

उन्हें करेगी लाभान्वित, जो आजीविका कमाने के लिये कड़ी मेहनत करते हैं: CM
कुल 2.47 लाख लाभार्थियों में से 82,347 धोबी, 38,767 नाई और 1,25,926 दर्जी हैं. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सरकार ने पिछले एक वर्ष में 3.58 करोड़ लोगों को 42,465 करोड़ रुपये दिये हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ जब राज्य में गरीबों को इस तरह से लाभ हुआ हो.’’ मुख्यमंत्री ने कहा ‘जगन्ना चेडोडू’ स्कीम पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र (Election Manifesto) का हिस्सा थी, जो उसके लिए कुरान, बाइबिल और भगवद्गीता की तरह है. सीएम ने कहा, यह उन लोगों को लाभान्वित करेगी, जो अपने जीवन स्तर में सुधार के लिए अपनी आजीविका कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं.



जानेमाने हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने मुख्यमंत्री जगन के कदम की प्रशंसा
वाई एस जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) ने कहा कि जिन लोगों को ऐसा लगता है कि वे इस योजना में छूट गए हैं उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे अपने गांव या वार्ड सचिव के जरिये कभी भी लाभ के लिए आवेदन कर सकते हैं.

जानेमाने हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने मुख्यमंत्री की इसके लिए प्रशंसा की कि पहली बार नाई के पेशे को पहचान दी गई और ऐसे समय वित्तीय मदद दी गई जब इस पेशे से जुड़े लोग लॉकडाउन के चलते भारी नुकसान उठा रहे हैं.

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