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ओडिशा: टूट गई जग्गा-कालिया की जोड़ी, सिर से जुड़े जुड़वा भाइयों में से एक की मौत

प्रतीकात्मक तस्वीर.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

एससीबी अस्पताल के डॉक्टर भुवननंदा महाराणा ने बताया कि कालिया (Kalia) का ट्रॉमा आईसीयू में इलाज चल रहा था. उन्होंने बताया कि कालिया की मौत सेप्टिसेमिया और शॉक की वजह से हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 10:49 AM IST
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भुवनेश्वर. तीन साल पहले हुई देश की पहली क्रैनियोपैगस सर्जरी (Craniopagus Surgery) के बाद अलग हुए दो जुड़वा भाइयों में से एक की मौत हो गई है. ओडिशा के कटक स्थित सरकारी अस्पताल श्रीराम चंद्र भांजा मेडिकल कॉलेज एंड मेडिकल हॉस्पिटल के डॉक्टर से मिली जानकारी के मुताबिक, जुड़वा भाइयों में से एक कालिया ने बुधवार को अंतिम सांस ली. बताया जा रहा है कि कालिया की तबियत बीते एक हफ्ते से लगातार बिगड़ रही थी.

साल 2017, महीना अक्टूबर. देश की राजधानी दिल्ली के एम्स (AIIMS) में एक सर्जरी हुई. इस सर्जरी में सिर के जरिए जुड़े दो भाइयों कालिया और जग्गा को अलग किया गया था. ये दोनों भाई क्रैनियोपैगस नाम की परेशानी से जूझ रहे थे. कहा जा रहा था कि यह देश की पहली क्रैनियोपैगस सर्जरी (First Craniopagus Surgery) थी. यह ऑपरेशन दो साल तक चले इलाज और निगरानी के बाद किया गया था. दोनों भाइयों को अलग करने के प्रयासों में दो बड़ी सर्जरी शामिल थीं. 25 घंटों तक चली पहली सर्जरी 28 अगस्त 2017 को की गई. वहीं, दूसरे चरह का सर्जिकल ऑपरेशन 25 अक्टूबर 2017 को किया गया. जग्गा और कालिया का जन्म उड़ीसा के कंधमल जिले में हुआ था.

एससीबी अस्पताल के डॉक्टर भुवननंदा महाराणा ने बताया कि कालिया का ट्रॉमा आईसीयू में इलाज चल रहा था. उन्होंने बताया कि कालिया की मौत सेप्टिसेमिया और शॉक की वजह से हो गई. डॉक्टर की तरफ से जारी बयान में कहा गया 'उसकी हालत बीते 7-8 दिनों से बिगड़ती जा रही थी और आज ज्यादा खराब हो गई. डॉक्टरों के पूरी कोशिशों के बावजूद उसे नहीं बचा पाए. 14 डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही थी.'

सितंबर 2019 को दोनों भाइयों को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. सर्जरी के बाद जग्गा की हालत में काफी तेजी से सुधार हुआ था, लेकिन कालिया के तमाम स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. खास बात है कि जब दोनों भाइयोंको कटक लाया गया था, तो इन्हें देखने के लिए अस्पताल में लोगों का जमावड़ा लग गया था. आलम यह था कि लोगों को काबू करने के लिए बैरिकेडिंग की नौबत आ गई थी.
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