Jagran Forum: यंग इंडिया को तंग इंडिया बनने से रोकना होगा

आरएसएस के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने कहा कि संविधान में देश को धर्म निरपेक्ष लिखकर सारी कन्फ्यूजन पैदा कर दी गई है.

Ankit Francis | News18Hindi
Updated: December 7, 2018, 4:06 PM IST
Jagran Forum: यंग इंडिया को तंग इंडिया बनने से रोकना होगा
आरएसएस के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने कहा कि संविधान में देश को धर्म निरपेक्ष लिखकर सारी कन्फ्यूजन पैदा कर दी गई है.
Ankit Francis | News18Hindi
Updated: December 7, 2018, 4:06 PM IST
नई दिल्ली में आयोजित जागरण फोरम कार्यक्रम में धर्म और राजनीति विषय पर चर्चा के लिए कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी, संघ के सरकार्यवाहक कृष्ण गोपाल, पूर्व मंत्री और राजनीतिक चिंतक आरिफ मोहम्मद खान और स्वामी चिदानंद सरस्वती मौजूद रहे. इस मौके पर चिदानंद सरस्वती ने कहा कि धर्म को उसके सही अर्थों में युवाओं तक पहुंचाना होगा जिससे यंग इंडिया तंग इंडिया बनने से बच जाए.

जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि असल में धर्म और राजनीति एक ही लक्ष्य और तत्व को सिद्द करते हैं. उन्होंने कहा कि धर्म नहीं उसके सांप्रदायिक रूप में दोष है. राजनीतिक चिन्तक आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि राजनेताओं ने ही राजनीति का कद घटा दिया है. राजनीति और राजधर्म पवित्र दोनों ही पवित्र चीज़ें हैं लेकिन अब इन्हें नीची नज़रों से देखा जाने लगा है. उन्होंने आगे कहा कि अरबी में धर्म का पर्याय है दीन इसलिए गांव में जब कोई बेईमानी करता था तो इसलिए ही कहा जाता था कि तुम्हारा कोई दीन-धर्म नहीं है. धर्म का न्याय से कोई मतलब ही नहीं है. धर्म का अर्थ है बुद्धिमता के साथ करुणा है

हालांकि आरएसएस के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने कहा कि संविधान में देश को धर्म निरपेक्ष लिखकर सारी कन्फ्यूजन पैदा कर दी गई है. एक तरफ सुप्रीम कोर्ट में लिखा हुआ है 'धर्म में ही जीत है' लेकिन देश को धर्म निरपेक्ष बता दिया. उन्होंने आगे उदाहरण देते हुए बताया कि खुद महात्मा गांधी ने कहा था कि अगर राजनीति में धर्म नहीं है तो वह मरी हुई देह के समान है, उसमें से गंध आने लगेगी. स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि पीआर से व्यापार बढ़ सकता है, प्यार और परिवार नहीं बढ़ता. उन्होंने आगे कहा कि धर्म के अर्थ को समझने पर व्यक्ति सत्य, करुणा के मार्ग पर चलने लगता है. सब मिलकर आगे बढ़ें ये ही धर्म का सार है.
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