सूरत: रेप केस में जेल में बंद आसाराम के बेटे नारायण साईं के पास मिला मोबाइल, पुलिस पर उठे सवाल

नारायण साईं का फाइल फोटो...
नारायण साईं का फाइल फोटो...

Narayan Sai in Jail: नारायण साईं के पास से मोबाइल बरामद होने से एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही सामने आई है. हालांकि ये कोई पहली घटना नहीं है. सूरत जेल में इससे पहले भी कई बार कैदियों के पास से मोबाइल बरामद हो चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 1:28 PM IST
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सूरत. रेप केस (Rape Case) में सलाखों के पीछे सजा काट रहे कथावाचक आसाराम (Asaram) के बेटे नारायण साईं (Narayan Sai) के पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है. जेल में नायारण साईं के पास से मोबाइल बरामद होने के बाद जेल प्रशासन ने पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है. सिर्फ नारायण साईं ही नहीं सूरत जेल की A/2 बैरक नंबर- 55 में रहने वाले और 4 कैदियों के पास से भी मोबाइल बरामद किया गया है.

नारायण साईं के पास से मोबाइल बरामद होने से एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही सामने आई है. हालांकि ये कोई पहली घटना नहीं है सूरत जेल में इससे पहले भी कई बार कैदियों के पास से मोबाइल बरामद हो चुके हैं.

22 साल बाद मिला था पीड़िता को न्याय
गुजरात के सूरत स्थित आश्रम में दो बहनों से दुष्कर्म के मामले में सेशंस कोर्ट ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. नारायण साईं साल 1997 से महिला के साथ यौन उत्पीड़न कर रहा था. इस मामले की शिकायत साल 2013 में दर्ज कराई गई थी, लेकिन महिला को इंसाफ मिलने में 22 साल लग गए. अक्टूबर 2013 में नारायण साईं पर सूरत की रहने वाली महिला ने बलात्कार का अरोप लगाया. पीड़िता नारायण साईं के आश्रम की साधिका थी और उसने नारायण साईं पर आश्रम में ही रेप का आरोप लगाया था. पीड़िता का ये भी आरोप था कि नारायण साईं कि ओर से उसे और उसके पिता को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं.
पीड़िता ने तमाम धमकियों के बावजूद रेप की शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया. वो और उसके पिता न्याय के लिए लड़ते रहे और आखिरकार दिसंबर, 2013 में नारायण साई को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पीपली इलाके से गिरफ्तार किया गया था.





सूरत की सेशंस कोर्ट ने 26 अप्रैल को हुई सुनवाई में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साईं को रेप का दोषी पाया था. अदालत ने सुनवाई के बाद सजा का ऐलान 30 अप्रैल 2019 को करने का फैसला लिया था.
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