Assembly Banner 2021

अंबाला सेंट्रल जेल में जेल रेडियो की शुरुआत, ऐसा करने वाला हरियाणा का तीसरा कारागृह

हरियाणा में कुल 19 जेलें हैं और बंदियों की रिफॉर्म प्रक्रिया में मदद के लिए लगभग सभी जेलों में जेल रेडियो शुरू करने की राज्य की योजना है.

हरियाणा में कुल 19 जेलें हैं और बंदियों की रिफॉर्म प्रक्रिया में मदद के लिए लगभग सभी जेलों में जेल रेडियो शुरू करने की राज्य की योजना है.

Jail Radio: 21 बंदियों को हरियाणा की जेलों से रेडियो जॉकी (Radio Jockey) के रूप में चुना गया था, जिनमें से 6 अंबाला जेल से हैं. इन बंदियों को तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नंदा ने दिसंबर 2020 में एक रेडियो वर्कशाप के जरिए प्रशिक्षित किया था.

  • Share this:
अंबाला. सेंट्रल जेल अंबाला (Central Jail Ambala) ने अपने करीब 1100 बंदियों की संचार की जरूरतों को मद्देनज़र रखते हुए आज अपना जेल रेडियो (Jail Radio) शुरू कर दिया है. यह जेल हरियाणा की तीन केंद्रीय जेलों में से एक है, जिसमें वर्ष 1949 में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के हत्यारे नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) को फांसी दी गई थी. जेल रेडियो का उद्देश्य जेल में कला, रचनात्मकता और सद्भाव को बढ़ावा देना है. इस जेल रेडियो का उद्घाटन बुधवार को एसीएस (आईएएस) गृह और जेल राजीव अरोड़ा, हरियाणा जेल महानिदेशक के. सेल्वराज, अंबाला जेल के सुपरिंटेंडेंट लखबीर सिंह बरार और तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नन्दा ने किया.

दरअसल 21 बंदियों को हरियाणा की जेलों से रेडियो जॉकी के रूप में चुना गया था, जिनमें से 6 अंबाला जेल से हैं. इन बंदियों को तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. नंदा ने दिसंबर 2020 में एक रेडियो वर्कशाप के जरिए प्रशिक्षित किया था. यह जेल रेडियो नन्दा की ही संकल्पना है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद राज्य के पहले जेल रेडियो का उद्घाटन 16 जनवरी को पानीपत में हरियाणा के जेल मंत्री रंजीत सिंह, एसीएस (आईएएस) गृह और जेल राजीव अरोड़ा, हरियाणा जेल महानिदेशक के. सेल्वराज, पानीपत जेल के सुपरिंटेंडेंट देवी दयाल, और वर्तिका नन्दा द्वारा किया गया. बाद में इसी महीने में फरीदाबाद जेल में भी रेडियो की शुरुआत की गई.

अंबाला जेल रेडियो पर रोज एक घंटे रेडियो का प्रसारण होगा जो विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए स्टूडियो से संचालित होगा. अरोड़ा के अनुसार, 'यह जेल रेडियो निश्चित रूप से बंदियों को बेहतरी की तरफ बढ़ने का मौका देगा और वे अपनी जिंदगी की नई शुरुआत कर सकेंगे.' इस अवसर पर के. सेल्वराज ने कहा, 'रेडियो के कारण बंदियों के जीवन में बदलाव आसानी से देखा जा सकता है. अंबाला जेल में रेडियो की शुरुआत इस बात का प्रतीक है कि हरियाण में जेल रेडियो का पहला चरण संपन्न हो चुका है और अब हम दूसरे चरण के तहत राज्य की 4 और जेलों में भी रेडियो की शुरुआत करेंगे.' सेल्वराज ने जेलों में बंदियों द्वारा की गई प्रगति पर अपनी गहरी संतुष्टि व्यक्त की है.



जेल के अधीक्षक सिंह ने कहा, 'जेल रेडियो के लिए हम बंदियों के उत्साह को देखकर खुश हैं. इसने जेल के माहौल में शांति बढ़ा दी है. जेल का कमरा खुशियों और रचनात्मकता का स्थान बन गया है और यह आगे भी बना रहेगा.' हरियाणा की जेलों में रेडियो की संकल्पना करने और बंदियों को प्रशिक्षण देने का काम तिनका तिनका की संस्थापक और लेडी श्री राम कॉलेज की पत्रकारिता विभाग की प्रमुख वर्तिका नन्दा ने किया है.
इस मौके पर उन्होंने कहा, 'मैंने 2019 में ज़िला जेल, आगरा में जेल रेडियो शुरु किया तो इससे बंदियो के जीवन में आए बदलाव को महसूस किया. हरियाणा की जेलों में अब तक 21 बंदियों ने रेडियो जॉकी होने की पहचान अर्जित की है और हमें उम्मीद है कि यह कौशल समाज में उनके सुधार और सुदृढीकरण में मदद करेगा. हमने जेल रेडियो के दूसरे चरण की तैयारी तकरीबन पूरी कर ली है."

हरियाणा में कुल 19 जेलें हैं और बंदियों की रिफॉर्म प्रक्रिया में मदद के लिए लगभग सभी जेलों में जेल रेडियो शुरू करने की राज्य की योजना है. दिलचस्प बात यह है कि जेलों में साक्षरता के स्तर को सुधारने और जेल रेडियो की ओर बेहतर योगदान देने के लिए बंदियों की मदद को ज़िला जेल, पानीपत में हाल ही में एक जेल पुस्तकालय भी खोला गया है. यह जेल पुस्तकालय भी तिनका तिनका फाउंडेशन की एक पहल है.

वर्तिका नन्दा के बारे में
नन्दा जेल सुधारक हैं और तिनका तिनका भारतीय जेलों पर उनकी श्रृंखला है. 2019 में उन्होंने देश की सबसे पुरानी जेल इमारत में बनी जिला जेल, आगरा में रेडियो शुरु किया था. 2014 में भारत के राष्ट्रपति से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं. जेलों पर उनके काम को दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है. वर्तमान में वे दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज