वैक्सीन पेटेंट पर देश और विदेश में अलग-अलग बयान दे रही सरकार: जयराम रमेश

जयराम रमेश. (फाइल फोटो)

जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने एक ट्वीट कर कहा है-जेनेवा में WTO में मोदी सरकार ने दुनिया से कहा कि कोविड-19 वैक्सीन पर पेटेंट में छूट दी जानी चाहिए. लेकिन जब वो नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में बयान देती है तो बिल्कुल अलग स्टैंड लेती है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने केंद्र सरकार पर कोरोना वैक्सीन पेटेंट (Covid Vaccine Petent) को लेकर देश और विदेश में अलग-अलग स्टैंड लेने का आरोप लगाया है. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा है-जेनेवा में WTO में मोदी सरकार ने दुनिया से कहा कि कोविड-19 वैक्सीन पर पेटेंट में छूट दी जानी चाहिए. लेकिन जब वो नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में बयान देती है तो बिल्कुल अलग स्टैंड लेती है.

    दरअसल केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में कहा है कि कंपल्सरी लाइंसेंसिंग को लेकर पैरेंट्स एक्ट के तहत शक्तियों का इस्तेमाल वर्तमान की स्थिति में लाभदायक नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा कि महामारी के इस समय में इन मामलों में 'न्यायिक हस्तक्षेप की सीमा' सीमित है. केंद्र ने वैक्सीन की समान कीमत को लेकर याचिका पर रविवार रात सौंपे गए हलफनामे में कहा कि राज्यों द्वारा अनुरोध किए जाने के बाद 18 वर्ष से 44 वर्ष के बीच टीकाकरण अभियान को मंजूरी दी गई थी. केंद्र ने टीका निर्माताओं को समान कीमतों पर राज्यों को टीके की आपूर्ति के लिए राजी किया.

    'महामारी के दौरान कार्यपालिका इससे निपट रही है'
    हलफनामे में कहा गया है, 'यह नीति 'न्यायसंगत, भेदभाव रहित और दो आयु समूहों (45 से अधिक और नीचे के लोगों) पर आधारित है.' केंद्र ने कहा कि इस नीति में न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है क्योंकि महामारी के दौरान कार्यपालिका इससे निपट रही है. उसके विस्तृत दायरे हैं. पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र को उसकी COVID-19 वैक्सीन मूल्य निर्धारण नीति को फिर से जारी करने का निर्देश देने के बाद यह हलफनामा दायर किया गया. इस मामले में आज यानी सोमवार को सुनवाई होनी है.



    केंद्र ने कहा कि वैक्सीन की कीमत का आम जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि सभी राज्य सरकारों ने लोगों को मुफ्त वैक्सीन देने का ऐलान किया है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि वैक्सीन बनाने वाली दोनो कंपनियां केंद्र सरकार को कम कीमत पर वैक्सीन दे रही हैं, जबकि राज्य सरकार को वही वैक्सीन ज्यादा कीमत पर बेची जा रही हैं.

    इसके जवाब में केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि केंद्र ज्यादा तादाद में वैक्सीन खरीद रही है, इसलिए उन्हें कम कीमत पर वैक्सीन मिल रही है. लेकिन केंद्र की नीति के मुताबिक हर राज्य को एक ही कीमत पर वैक्सीन बेची जाएगी. ऐसा नंही होगा कि किसी राज्य को ज्यादा और किसी को कम कीमत पर वैक्सीन मिले.