सीनियर कांग्रेस लीडर की हिदायत- हर वक्त मोदी को खलनायक बनाने से कुछ हासिल नहीं होगा

भाषा
Updated: August 22, 2019, 7:47 PM IST
सीनियर कांग्रेस लीडर की हिदायत- हर वक्त मोदी को खलनायक बनाने से कुछ हासिल नहीं होगा
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन का मॉडल 'पूरी तरह नकारात्मक गाथा' नहीं है. (फाइल फोटो)

जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने स्पष्ट किया कि वह किसी से प्रधानमंत्री (Prime Minister) की सराहना या तारीफ करने के लिए नहीं कह रहे है बल्कि चाहते हैं कि राजनीतिक वर्ग कम से कम उन बातों को माने जो वह शासन में लेकर आए.

  • Share this:
कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के शासन का मॉडल 'पूरी तरह नकारात्मक गाथा' नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना तथा हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है.

रमेश ने बुधवार को कहा कि यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझे, जिसके कारण वह सत्ता में लौटे. इसी के कारण 30 प्रतिशत मतदाताओं ने उनकी सत्ता वापसी करवाई.

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election) में बीजेपी (BJP) को 37.4 प्रतिशत वोट मिले जबकि सत्तारूढ़ एनडीए को कुल मिलाकर 45 प्रतिशत वोट हासिल हुए. उन्होंने राजनीतिक विश्लेषक कपिल सतीश कोमीरेड्डी की किताब 'मालेवॉलेंट रिपब्लिक : ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ द न्यू इंडिया' का विमोचन करते हुए ये टिप्पणियां की.

...तब तक नहीं कर पाएंगे मोदी का मुकाबला

कांग्रेस नेता (Congress Leader) ने कहा, "वह (मोदी) ऐसी भाषा में बात करते हैं जो उन्हें लोगों से जोड़ती है. जब तक हम यह न मान लें कि वह ऐसे काम कर रहे हैं जिन्हें जनता सराह रही है और जो पहले नहीं किए गए, तब तक हम इस व्यक्ति का मुकाबला नहीं कर पाएंगे."

उन्होंने आगाह किया, "साथ ही अगर आप हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करने जा रहे हैं तो आप उनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे."

मोदी की तारीफ के लिए नहीं कह रहा हूं
Loading...

मनमोहन सिंह सरकार में ग्रामीण विकास और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय संभालने वाले रमेश ने स्पष्ट किया कि वह किसी से प्रधानमंत्री की सराहना या तारीफ करने के लिए नहीं कह रहे है बल्कि चाहते हैं कि राजनीतिक वर्ग कम से कम उन बातों को माने जो वह शासन में लेकर आए खासतौर से 'शासन के अर्थशास्त्र' के संदर्भ में.

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा, "मैं आपको बता दूं कि जब शासन के अर्थशास्त्र की बात आती है तो यह पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है, शासन की राजनीति पूरी तरह अलग है." उन्होंने यह भी कहा कि उनके शासन मॉडल से जिस प्रकार के सामाजिक संबंध सृजित हुए हैं वे भी पूर्णत: भिन्न हैं.

ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा पर रवाना, कहा - सदाबहार मित्रों संग संबंध मजबूत होंगे

उज्ज्वला योजना का दिया उदाहरण
जयराम रमेश ने अपनी बात को साबित करने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूजे) का उदाहरण दिया कि वह कैसे प्रधानमंत्री के लिए सफल साबित हुई.

कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य ने कहा, "साल 2019 में राजनीतिक विमर्श में हम सभी ने उनकी एक या दो योजनाओं का मजाक उड़ाया लेकिन सभी चुनावी अध्ययनों में यह सामने आया कि पीएमयूजे अकेली ऐसी योजना रही जो उन्हें करोड़ों महिलाओं से जोड़ पायी. इसने उन्हें ऐसा राजनीतिक खिंचाव दिया जो उनके पास 2014 में नहीं था."

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में ऐसा कुछ हुआ जिसने मोदी को 2009 के आम चुनाव में 'राष्ट्रीय राजनीति में एक मामूली नेता' से ऐसा व्यक्ति बना दिया जिसने लगातार चुनाव जीते. रमेश ने कहा कि देश की जनता मौजूदा हालात को उनकी मौजूदगी से जोड़कर नहीं देख रही है, अब चाहे यह सही हो या गलत.

उन्होंने कहा, "हमने अपने पूरे अभियान के दौरान किसानों की हालत के बारे में बात की, लोगों ने माना कि किसान संकट में हैं. किंतु उन्होंने इसके लिए मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया. आपने देखा कि उसके बाद चुनाव नतीजों में क्या हुआ. आपको समझना पड़ेगा कि वह कैसे इतने सम्माननीय बने."

ये भी पढ़ें: 2022 चुनाव पर BJP की नजर, नई कैबिनेट में साधा जातीय समीकरण

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 22, 2019, 6:45 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...