पुलवामा हमले की साजिश के दौरान FATF की कार्रवाई पर थी जैश सरगना की नजर: NIA

पुलवामा हमले की साजिश के दौरान FATF की कार्रवाई पर थी जैश सरगना की नजर: NIA
उमर फारूक (बायें) अन्य आरोपियों के साथ बम बनाने के दौरान (यह फोटो NIA की चार्जशीट का हिस्सा है)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) में गत वर्ष आतंकवादी हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-E-Mohammad) के सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) समेत 19 लोगों के खिलाफ मंगलवार को आरोप पत्र दायर किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 7:05 PM IST
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(अरुणिमा)

नई दिल्ली.
नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (National Investigation Agency) ने दावा किया है कि 2019 पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) की साजिश रचते हुए जैश-ए-मोहम्मद (Jaish E Mohammad) की नजर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की जांच पर थी. एनआईए के अधिकारियों ने CNN-News18 को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों द्वारा जांच से बचने के लिए छोटे पैकेट में उमर फारूक के खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया था. एफएटीएफ एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसकी स्थापना 1989 में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी वित्तपोषण (Terror Funding) और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली की अखंडता के लिए अन्य संबंधित खतरों से निपटने के लिए की गई थी.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनआईए जांच की निगरानी में कहा, "जैश हैंडलर्स ने फारूक के खातों में पांच अलग-अलग किस्तों में पैसा ट्रांसफर किया गया था. यह सारा लेन-देन एक बार में नहीं हुआ था." एनआईए ने चार्जशीट में स्लिप और फारूक की अलाइड बैंक ऑफ पाकिस्तान और मीनाज बैंक ऑफ पाकिस्तान के चेक बुक में भुगतान की प्रति संलग्न की है जहां से पैसा मिला था. 27 जनवरी और 4 फरवरी के बीच पांच किस्तों में कुल पाकिस्तानी रुपये 10.36 लाख का स्थानांतरण किया गया था. प्रारंभिक योजना 6 फरवरी को विस्फोट को अंजाम देने की थी, लेकिन बर्फबारी के कारण इस प्लान को बदल दिया गया.



एनआईए ने संलग्न किये हैं स्क्रीनशॉट
एनआईए ने फारूक के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं, जिसमें उसने हैंडलर को कुल खर्च का हिसाब दिया है. उर्दू में की गई वॉट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि कुल 5.7 लाख रुपये का खर्च हुए थे.

चैट में, फारूक अपने हैंडलर्स से कहता है कि विस्फोट में इस्तेमाल करने के लिए मारुति इको कार खरीदने के लिए 1.85 लाख रुपये खर्च किए गए थे; हमले के हिसाब से इसे मॉडीफाय करने के लिए 50,000 रु; एल्यूमीनियम पाउडर, कैल्शियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट और जिलेटिन की छड़ें जैसे विस्फोटक खरीदने के लिए 2.5 लाख रुपये; IED के लिए नाइट्रेट यौगिकों को निकालने के लिए उर्वरकों को खरीदने पर 30,000 रु इस्तेमाल किए गए.

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को निर्देश दिये हैं कि वह यह साबित करने के लिए सबूत पेश करे कि जैश जैसे आतंकी संगठनों को बैंकिंग चैनलों के इस्तेमाल से रोका गया है. ऐसा करने में अपनी विफलता के चलते पाकिस्तान पिछली कई दफा से एफएटीएफ ग्रे सूची में है.

शाकिर बशीर के घर में पार्क की गई थी कार
एनआईए ने कहा कि शाकिर बशीर ने विस्फोटकों -- आरडीएक्स, जिलेटिन की छड़ें, एल्युमिनियम पाउडर और कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट को कथित तौर पर इकट्ठा किया और उन्हें आईईडी बनाने के लिए अपने घर में जमा किया. एजेंसी ने बताया कि आतंकवादियों ने करीब ढाई लाख रुपये कार खरीदने और उसमें बदलाव करने में खर्च किए जिसका इस्तेमाल हमले में किया गया. कार को शाकिर बशीर के घर में पार्क किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि कुछ धन विभिन्न मदों में खर्च किए जिनमें आईईडी को रखे जाने वाले कंटेनरों की खरीदारी शामिल है.
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