जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पास थे आईईडी, गोला बारुद, बड़े हमले को देने वाले थे अंजाम

जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पास थे आईईडी, गोला बारुद, बड़े हमले को देने वाले थे अंजाम
भारतीय सेना ने किया जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ढ़ेर

जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के आतंकवादियों के पास गोला बारुद भारी मात्रा में था और इससे गंभीर खतरा हो सकता था. यह आतंकवादी जम्मू शहर से करीब 28 किलोमीटर दूर नगरोटा के समीप बान टोल प्लाजा में पुलिस के साथ भीषण मुठभेड़ में मारे गए थे.

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जम्मू. जम्मू (Jammu) में एक टोल प्लाजा के पास मुठभेड़ में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के तीन आतंकवादियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक होर्डिंग के नीचे इम्प्रोवाइस्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) छोड़ दिया था जिसका उपयोग एक अन्य आतंकवादी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए करता. पुलिस ने शनिवार को बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के पास तीसरे चरण के बुलेटप्रूफ वाहनों को भेदने वाली गोलियां भी थी जिसका इस्तेमाल पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बल करते हैं.

भारी मात्रा में था गोला बारुद
एक शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों के पास गोला बारुद भारी मात्रा में था और इससे गंभीर खतरा हो सकता था. यह आतंकवादी जम्मू शहर से करीब 28 किलोमीटर दूर नगरोटा के समीप बान टोल प्लाजा में पुलिस के साथ भीषण मुठभेड़ में मारे गए थे. इन तीनों आतंकवादियों को मार गिराने के बाद अभियान बंद कर दिया गया लेकिन इलाके में तलाश अब भी जारी है. उन्होंने बताया कि ट्रक से आए आतंकवादियों के पास राजमार्ग पर सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए सीमा पार से आया शक्तिशाली आईईडी था.

जम्मू में छुपा है एक शख्स



अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने राजमार्ग पर एक होर्डिंग के पास इसे रख दिया जिसका इस्तेमाल उनके मॉड्यूल के एक तीसरे शख्स को करना था जो अभी जम्मू में है. ट्रक चालक समीर डार, कंडक्टर आसिफ मलिक तथा आतंकवादी समूह के अन्य सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है. सभी पुलवामा के ककपोरा के रहने वाले हैं. वे घाटी में अशांति पैदा करने की जैश-ए-मोहम्मद की साजिश का हिस्सा थे. तीनों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस के एक दल और बम निरोधक दस्ते ने कार्रवाई की और आरडीएक्स, ग्रेनेड तथा अन्य सामान से फिट किए गए आईईडी को निष्क्रिय कर दिया. यह आईईडी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा में एक होर्डिंग के नीचे रखा गया था.



जारी है अभी भी तलाश
उन्होंने बताया कि जम्मू में जैश-ए-मोहम्मद के उस आतंकवादी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है जिसने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी लगाया था. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के पास अमेरिका निर्मित एक स्नाइपर राइफल, छह राइफल, पांच पिस्तौल, 11 हथगोले, विस्फोटक तथा उपग्रह संचार फोन और जीपीएस भी थे. अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में आतंकवादियों ने पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने की पांच घटनाओं में एम4 स्नाइपर राफइल का इस्तेमाल किया था.

उन्होंने बताया कि अगर एम4 कार्बाइन फिर से आतंकवादियों के हाथों में आ जाती तो यह सुरक्षाकर्मियों के लिए विध्वंसकारी साबित हो सकती है. यह आतंकवादी समूह श्रीनगर जा रहा था जब पुलिस ने शुक्रवार को सुबह पांच बजे उन्हें प्लाजा पर रोक लिया था.

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