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LIVE जल्लीकट्टू पर 'जंग': श्रीलंका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचा आंदोलन

LIVE जल्लीकट्टू पर 'जंग': श्रीलंका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचा आंदोलन

(Getty Images)

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तमिलनाडु में बैल पर काबू पाने के बेहद लोकप्रिय पारंपरिक खेल जल्लीकट्ट के आयोजन पर लगे बैन को हटाने और पशु अधिकार संगठन 'पेटा' पर बैन की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन जारी है.

    तमिलनाडु में बैलों पर काबू पाने के पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के लिए लगातार चौथे दिन हजारों लोग सड़कों पर हैं. हजारों छात्र कल रात भर चेन्नई के मरीना बीच पर जमे रहे. इन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए फेसबुक पर प्रदर्शन को लाइव भी किया. चेन्नई के मरीना बीच पर आज सुबह से ही 10 हजार से ज्यादा छात्र इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच गए. दिन बढ़ने के साथ-साथ इनकी संख्या भी बढ़ती जा रही है. लोग जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध हटाने के साथ ही पशु अधिकार संगठन 'पेटा' पर बैन लगाने की भी मांग कर रहे हैं.

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    जल्लीकट्टू खेल के आयोजन पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब श्रीलंका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया तक पहुंच गया है जहां तमिल प्रवासियों ने प्रदर्शन किया। ‘लंदन तमिल संगम’, ‘वर्ल्ड तमिल आर्गनाइजेशन’ और ‘ब्रिटिश साउथ इंडियंस’ नामक संगठनों के समूह ने प्रदर्शन किया। इन समूहों ने लंदन मंगलवार और बुधवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग के समक्ष प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के लीड्स और आयरलैंड के डब्लिन में भी प्रदर्शनों की योजना है।

    कल मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम की अपील पर भी लोगों ने प्रदर्शन खत्म नहीं किया. आज वह इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले और उनसे अध्यादेश लाने की मांग की. इस मुलाकात के बाद पन्नीरसेल्वम ने कहा कि हमने पीएम को पत्र सौंपा जिसमें जल्लीकट्टू पर बैन हटाने और केंद्र से इस पर अध्यादेश लाने की मांग की गई है. पीएम मोदी ने कहा कि वह राज्य की सांस्कृतिक मान्यताओं को महत्वपूर्ण मानते हैं. उन्होंने हमें पूरा समर्थन देने की बात कही है.

    वहीं, जल्लीकट्टू के मुद्दे पर पीएमके सांसद ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की. मुलाकात के बाद वह पीएम आवास के बाहर 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरने पर बैठ गए. jallikattu_ramdoss श्री श्री ने भी किया समर्थन- वहीं श्री श्री रविशंकर ने भी इसका समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि हमें ये समझना होगा कि पोंगल तमिलनाडु का बहुत बड़ा त्योहार है और वहां लोग इस दिन जल्लीकट्टू खेलते हैं. जैसा बिहार  में छठ पूजा है, ये वैसा ही त्योहार है. अगर आप हरियाणा में कुश्ती को बैन कर दें तो जनता चुप रहेगी क्या? ये द्रविड़ सभ्यता से जुड़ा खेल है. सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार-  वहीं सुप्रीम कोर्ट ने चेन्नई के मरीना बीच पर चल रहे प्रदर्शन मामले में दखल देने से इंकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करे. वकील राजारमन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि जल्लीकट्टू को लेकर वहां पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदशर्न चल रहा है, लेकिन पुलिस लोगों के साथ ज्यादती कर रही है. पुलिस खाने-पीने की चीजों को भी लोगों तक नहीं पहुंचने दे रही है. सुप्रीम कोर्ट रामलीला मैदान की तरह इस मामले में भी संज्ञान ले. 2014 में लगा बैन- साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद पिछले साल केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी कर इस पारंपरिक खेल को इजाजत दे दी थी लेकिन सरकार के इस अध्यादेश को फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई जिस पर अंतिम फैसला आना बाकी है. इसी कारण अभी तक केंद्र सरकार के किसी मंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर अंतिम निर्णय आना अभी बाकी है. इस बीच चेन्नई में पिछले चार दिनों से हजारों लोग सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार से जल्लीकट्टू पर लगा प्रतिबंध खत्म करने की मांग कर रहे हैं. कल प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम द्वारा प्रदर्शन खत्म करने के अनुरोध को भी ठुकरा दिया.





    तमिलनाडु में हर तरफ जलीकट्टू के समर्थन में आवाजें बुलंद हो रही हैं. आम लोगों से दिग्गज हस्तियों ने जल्लीकट्टू का समर्थन किया है. दिग्गज फिल्म अभिनेता रजनीकांत, अभिनेत्री नयनतारा और अभिनेत्री तृषा ने भी जल्लीकट्टू का समर्थन किया है. तमिलनाडु में कई जगहों पर प्रदर्शन जारी है. लोग सड़कों पर उतर आए हैं.



    चेन्नई के मरीना बीच पर भी लाखों की संख्या में लोग इकट्ठे हुए हैं. ये सभी लोग जल्लीकट्टू के समर्थन कर रहे हैं.

    लोगों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने अलर्ट पर है. प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. हर जगह सुरक्षा बल तैनात हैं. कई इलाकों में पुलिस तैनात की गई हैं.





    क्या है जल्लीकट्टू

    जल्लीकट्टू सांड को काबू में करने का खेल है, जिसे तमिलनाडु में पोंगल पर्व के दौरान खेला जाता रहा है. जल्लीकट्टू में सांड को काबू में किया जाता है. इसमें काबू करने वाले व्यक्ति को एक निश्चित दूरी या सांड के तीन बार कूदने तक उसकी पीठ पर बने रहना होता है.सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में मई 2014 में जल्लीकट्टू पर बैन लगा दिया था. जिसे केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी कर इस खेल को इजाजत दे दी थी. इसके बाद इस अध्यादेश के खिलाफ फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर अंतिम फैसला आना अभी बाकी है.

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    Tags: Jallikattu, Narendra modi, O Panneerselvam, Supreme Court, Tamil nadu

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