Home /News /nation /

जेम्स वेब टेलीस्कोप 15 लाख किमी की यात्रा के बाद करेगा कक्ष में प्रवेश, अब खोलेगा ब्रह्मांड के रहस्य

जेम्स वेब टेलीस्कोप 15 लाख किमी की यात्रा के बाद करेगा कक्ष में प्रवेश, अब खोलेगा ब्रह्मांड के रहस्य

जेम्स वेब टेलीस्कोप को पिछले साल क्रिसमस के दिन फ्रेंच गुआना में यूरोप के स्पेसपोर्ट से छोड़ा गया था |(फोटो- NASA)

जेम्स वेब टेलीस्कोप को पिछले साल क्रिसमस के दिन फ्रेंच गुआना में यूरोप के स्पेसपोर्ट से छोड़ा गया था |(फोटो- NASA)

James Webb Telescope: जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जिस जगह जाने के लिए इतना लंबा सफर तय कर रहा है उसे दूसरे लैगरांज बिंदु के तौर पर जाना जाता है. यह अंतरिक्ष में वह जगह है जहां भेजी गई वस्तु रुकी रहती है. लैगरांज बिंदु पर दो बड़े द्रव्यमान किसी छोटी वस्तु को अपनी ओर खींचने के लिए एक बराबर ताकत लगाते हैं.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली.  करीब एक महीने पहले धरती से अपने लंबे सफर पर निकला जेम्स वेब टेलीस्कोप (James Webb Telescope ) अपनी 15 लाख किमी की यात्रा पूरी करके मंजिल पर पहुंचेगा, जहां से वह हमारे ब्रह्मांड के जन्म को देख पाएगा. इसमें अंतिम सुधार करने के बाद अब दुनिया की सबसे ताकतवर वेधशाला अपने दूसरे लैगरांज बिंदु (एल 2) पर पहुंचने के लिए तैयार है.

जेम्स वेब टेलीस्कोप कहां पर पहुंचेगा…
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जिस जगह जाने के लिए इतना लंबा सफर तय कर रहा है उसे दूसरे लैगरांज बिंदु के तौर पर जाना जाता है. यह अंतरिक्ष में वह जगह है जहां भेजी गई वस्तु रुकी रहती है. लैगरांज बिंदु पर दो बड़े द्रव्यमान किसी छोटी वस्तु को अपनी ओर खींचने के लिए एक बराबर ताकत लगाते हैं. अंतरिक्ष मे इस जगह का इस्तेमाल स्पेसक्रॉफ्ट की फ्यूल की खपत को कम करने के लिए किया जाता है.
नासा का कहना है कि सभी लैगरांज बिंदुओं पर गुरुत्वाकर्षण संतुलन बिंदु होता है, लेकिन सभी बिंदु पूरी तरह से स्थिर नहीं होते हैं. पहला सूरज-धरती का लैगरांज बिंदु एल 1, धरती से सूरज की ओर 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर है. यहां पर कई सौर वेधशाला मौजूद हैं. एल 1, एल 2 और एल 3 मेटा स्थिर हैं, वहीं एल 4 और एल 5 स्थिर हैं. ऐसे में एल 2 वेब के लिए एक आदर्श स्थान हैं. सूरज, धरती और चांद हमेशा अंतरिक्ष के एक तरफ होते हैं. ऐसे में टेलीस्कोप ऑपटिक्स और दूसरे उपकरणों को हमेशा ढक कर रखता है. इस तरह से यह इंफ्रारेड संवेदनशीलता से ठंडा रहते हुए आधे आकाश की गतिविधियों पर नजर रख सकता है. एल 2 धरती से इतना दूर है कि वेब को गरम नहीं करेगा और चूंकि एल 2 गुरुत्वाकर्षण संतुलन के स्थान पर है इसलिए वेब के लिए वहां पर कक्षा स्थापित करना आसान भी रहेगा.

एल 2 पर पहुंचने के बाद क्या होगा
एक बार जब टेलीस्कोप दूसरे लैगरांज बिंदु पर कक्ष में प्रवेश कर गया, उसके बाद धरती से करीब एक महीना पहले सफर पर निकले इस टेलीस्कोप को दल ठंडा करेगा. इसके बाद जब टेलीस्कोप स्थिर हो जाएगा और धरती, चांद इसके उपकरणों को सूरज की गरमी से एक आवरण देंगे. ऐसे में यह तेजी से ठंडा होगा. नासा के मुताबिक इसके बाद अगले पांच महीने इसके ऑपटिक्स और दूसरे वैज्ञानिक उपकरणों को दुरुस्त करने और ठीक से काम करने की जांच में लगाए जाएंगे.

जेम्स वेब टेलीस्कोप को पिछले साल क्रिसमस के दिन फ्रेंच गुआना में यूरोप के स्पेसपोर्ट से छोड़ा गया था. धरती के अंधेरे हिस्से के सामने जो सूरज से दूर है, टेलीस्कोप ब्रह्मांड के जन्म को समझेगा.

Tags: Nasa

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर