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जम्मू-कश्मीर: DDC चुनाव से पहले गुपकर में खींचतान तेज, उम्मीदवारों के चयन पर उलझा पेंच

DDC चुनाव से पहले गुपकर में खींचतान तेज
DDC चुनाव से पहले गुपकर में खींचतान तेज

DDC चुनाव (DDC Election) में घाटी की छह प्रमुख पार्टियों के गठबंधन गुपकर (Gupkar Alliance) के उतरने के बाद से चुनाव काफी दिलचस्प हो चुका है. चुनाव में जहां बीजेपी (BJP) को अपनी जीत का भरोसा है तो वहीं गुपकर की साख भी दांव पर लगी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 8:57 AM IST
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श्रीनगर. ठंड और बर्फबारी के बावजूद इन दिनों कश्मीर घाटी का माहौल काफी गर्म है. इस बार के DDC चुनाव (DDC Election) को लेकर अभी से सरगर्मी तेज हो गई है. 28 नवंबर से शुरू होने वाले निकाय चुनावों में घाटी की छह प्रमुख पार्टियों के गुपकर गठबंधन (Gupkar Alliance) के उतरने के बाद से चुनाव काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है. इस चुनाव में जहां बीजेपी (BJP) को अपनी जीत का भरोसा है तो वहीं गुपकर की साख भी दांव पर लगी हुई है.

बता दें कि गुपकर गठबंधन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी के अलावा चार अन्य पार्टियां भी शामिल हैं. गुपकार संगठन ने पहले ही कहा है कि घाटी में आर्टिकल 370 और 35-ए को फिर से बहाली के लिए सभी पार्टियों ने साथ में आने का फैसला किया है. हालांकि चुनाव से पहले ही सभी पार्टियों के नेताओं के बयानों ने गठबंधन में फूट डालना शुरू कर दिया है.

भारत सरकार की ओर से 5 अगस्त 2018 में जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया था तब नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने कहा कि था कि जब तक पहले जैसी स्थिति बहाल नहीं की जाती तब तक उनकी पार्टी चुनाव मैदान में नहीं उतरेगी. लेकिन डीडीसी के चुनाव का ऐलान होते ही नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया. इस फैसले पर अब पार्टी के ही नेता सवाल उठाने लगे हैं. कुछ नेताओं को इस गठबंधन पर ऐतराज है तो कई चुनाव में हिस्सा लेने को लेकर भी नाराजगी जता चुके हैं.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता रूहुल्ला मेहदी ने ट्वीट करते हुए कहा, जब एलांयस इस छोटे चुनाव का बहिष्कार नहीं कर सकी तो मुख्य चुनाव का कैसे करेगी. ये चुनाव दिल्ली की ओर से एक परीक्षा थी, जिस परीक्षा में हम लोग नाकाम साबित हुए हैं. वहीं इस मसले पर इमरान नबी डार ने कहा कि चुनाव में बीजेपी को अकेले नहीं छोड़ा जा सकता था इसलिए चुनाव में हिस्सा लिया जा रहा है.



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पीडीपी के नेता सीटों के बंटवारे को लेकर नहीं हैं खुश
बता दें कि सीटों के बंटवारे को लेकर गुपकर गठंबधन में दरार पड़ती दिख रही है. नाराज पीडीपी नेताओं का कहना है कि निकाय चुनाव में एक बड़ा हिस्सा नेशनल कॉन्फ्रेंस को दे दिया गया है. पीडीपी के संस्थापक सदस्य और पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर बेघ ने यह कहते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है कि पीडीपी ने ऐसे क्षेत्रों मे सीटों का आत्मसमर्पण किया है, जहां उसका बड़ा जनाधार था.
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