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जम्मू-कश्मीर: प्रतिनिधिमंडल ने LG को सौंपी रिपोर्ट, हिरासत में लिए लोगों को तुरंत छोड़ने की रखी मांग

News18Hindi
Updated: January 2, 2020, 8:08 PM IST
जम्मू-कश्मीर: प्रतिनिधिमंडल ने LG को सौंपी रिपोर्ट, हिरासत में लिए लोगों को तुरंत छोड़ने की रखी मांग
22 व्यापार संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू से मुलाकात की (फाइल फोटो, PTI)

22 व्यापार संगठनों (Business Organisations) के एक प्रतिनिधिमंडल (Delegation) ने हिरासत में लिए गए लोगों की त्वरित रिहाई और इंटरनेट सेवाओं (Internet Users) को तुरंत बहाल करने की मांग की है.

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  • Last Updated: January 2, 2020, 8:08 PM IST
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नई दिल्ली. 22 व्यापार संगठनों (Business Organisations) के एक प्रतिनिधिमंडल (Delegation) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू (Lieutenant Governor GC Murmu) को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट में कश्मीर (Kashmir) में पिछले 5 अगस्त से हुए व्यापारिक नुकसान की जानकारी दी गई है. इसके साथ ही इस प्रतिनिधिमंडल ने हिरासत में लिए गए लोगों की त्वरित रिहाई और इंटरनेट सेवाओं (Internet Users) को तुरंत बहाल करने की मांग भी की है.

कश्मीर घाटी (Kashmir Vally) के 80 सरकारी अस्पतालों (Government Hospitals) में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाओं (Internet Broadband Services) की शुरुआत कर दी गई है. इनमें स्वास्थ्य केंद्र (Health Centers) और स्वास्थ्य विभाग (Health Department) से जुड़े कार्यालय भी शामिल हैं. गुरुवार को इस बारे में कश्मीर के अधिकारियों ने जानकारी दी.

अस्पतालों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में भी शुरू हुआ इंटरनेट
एक अधिकारी ने बताया, "ब्रॉडबैंड हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधाओं (Broadband High Speed Internet Services) को 80 सरकारी अस्पतालों में शुरू कर दिया गया है. जहां पर ये इंटरनेट सेवाएं शुरू की गई हैं उनमें स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय भी शामिल हैं." उन्होंने बताया कि इन अस्पतालों (Hospitals) में पूरे कश्मीर के अस्पताल शामिल हैं.

पिछले पांच महीने से कश्मीर घाटी में बंद थीं इंटरनेट सेवाएं
कश्मीर घाटी में इंटरनेट सेवाएं केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे (Special Status) को खत्म कर इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों (Union Territory) में बांटने के फैसले के एक दिन पहले यानी 4 अगस्त से ही बंद कर दी गई थीं.

'कश्मीर पर सऊदी अरब-पाकिस्तान समझौते की बात कयासों पर आधारित'सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच समझौते की रिपोर्टों के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि ये रिपोर्ट्स पूरी तरह से अटकलों पर आधारित हैं. इनके बारे में रवीश कुमार ने कहा कि भारत से संबंधित मामलों पर इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की किसी भी बैठक के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है.

दरअसल पहले आई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इस्लामिक सहयोग संगठन (Organisation of Islamic Cooperation- OIC) में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने का समझौता हुआ है.

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First published: January 2, 2020, 7:25 PM IST
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