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हताश पाक और 'आतंक के समर्थक' लोगों को उकसाने के लिए कर रहे कोशिशें: जम्मू-कश्मीर DGP

भाषा
Updated: November 18, 2019, 5:34 PM IST
हताश पाक और 'आतंक के समर्थक' लोगों को उकसाने के लिए कर रहे कोशिशें: जम्मू-कश्मीर DGP
जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहा है (फाइल फोटो, PTI)

पुलिस के एक प्रवक्ता ने DGP दिलबाग सिंह के हवाले से कहा, “पाकिस्तान (Pakistan) और आतंकवाद समर्थक हताश हो गए हैं और लोगों को उकसाने (To Provoke People) और डराने के लिए विभिन्न युक्तियों एवं हिंसा का सहारा ले रहे हैं."

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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के डीजीपी दिलबाग सिंह (DGP Dilbagh Singh) ने कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) और आतंकवादियों (Terrorists) को पनाह देने वाले लोग हताश हो गए हैं और वे आम लोगों को उकसाने तथा डराने के लिए कई तरकीबें आजमा रहे हैं.

पुलिस के एक प्रवक्ता ने सिंह के हवाले से कहा, “पाकिस्तान (Pakistan) और आतंकवाद समर्थक हताश हो गए हैं और लोगों को उकसाने (To Provoke People) और डराने के लिए विभिन्न युक्तियों एवं हिंसा का सहारा ले रहे हैं. लोगों को उनके प्रयासों को विफल करने के लिए चौकन्ना रहना चाहिए.”

'अधिकारियों से शांति भंग कर सकने वाले शरारती तत्वों की पहचान करने को कहा गया'
जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu-Kashmir Police) के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि पुलिस महानिदेशक ने यहां जिला पुलिस कार्यालय में जोनल साइबर पुलिस थाना का उद्घाटन किया और जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की.

उन्होंने बताया कि पुलिस प्रमुख ने अधिकारियों से केंद्र शासित प्रदेश में शांति भंग कर सकने वाले शरारती तत्वों की पहचान करने को कहा है. डीजीपी ने शांति एवं व्यवस्था (Peace and Order) बनाए रखने के लिए अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए उनसे सजग रहने और शरारती तत्वों की किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है.

DGP ने एहतियात के तौर पर उठाए कदमों की जानकारी अधिकारियों से मांगी
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, “आतंकवाद (Terrorism) की चुनौती से पूर्व में प्रभावी ढंग से निपटा गया है और इसे पूरी तरह रोकने के लिए और प्रयास करने की जरूरत है. आतंकवाद के मामलों और आतंकवादियों तथा शरारती तत्वों की हिंसा की उचित जांच कर तार्किक परिणति तक लाया जाना चाहिए. शरारती तत्वों पर सख्त कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए.”
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वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत में डीजीपी ने कानून-व्यवस्था के महत्त्वपूर्ण विषयों पर, महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर और उठाए गए एहतियाती कदमों तथा विभिन्न तरीकों से सर्विलांस (Surveillance) के विषय पर प्रत्येक से जानकारी मांगी.

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First published: November 18, 2019, 5:34 PM IST
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