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जम्मू-कश्मीर: हर पंचायत को सरकार देगी 1 करोड़, विकास परिषदों को मिलेंगे 10-10 करोड़

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) की पंचायतों का इस साल विकास कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपये दिये जाएंगे. उप राज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने कहा कि सरकार का ध्यान पंचायती राज के स्तर पर है. इ

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 8:49 AM IST
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श्रीनगर. जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) की पंचायतों का इस साल विकास कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपये दिये जाएंगे. इससे पहले पंचायतों को 50 लाख रुपये दिये जाते थे. उप राज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने गुरुवार को कहा कि सरकार का ध्यान पंचायती राज के स्तर पर है. इसके साथ ही जिला विकास परिषदों को 10-10 करोड़ रुपये दिये जाएंगे और इसी के साथ डीडीसी अध्यक्षों को भी सरकार से विकास निधि के तौर पर 25-25 लाख रुपये मिलेंगे.

उपराज्यपाल ने कहा कि जिला विकास परिषदों और ब्लॉक विकास परिषदों के सशक्तीकरण के लिए, यूटी के 20 डीडीसी के लिए 200 करोड़ रुपये के अलावा प्रत्येक बीडीसी के लिए 25 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है. पंचायती राज संस्थानों / शहरी स्थानीय निकायों के लिए 1,313 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं.

उप राज्यपाल सिन्हा नेजोर देकर कहा कि उनके प्रशासन द्वारा तंत्र में पारदर्शिता लाने के साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया गया है. साथ ही कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के विकास कार्यों में तेजी लाना उनकी प्राथमिकता है.



 हम तंत्र में पारदर्शिता लाए हैं - उप राज्यपाल मनोज सिन्हा
सिन्हा ने कहा, ' पूर्व में केंद्र से भारी संख्या में राशि आई लेकिन सवाल यह है कि क्या उस अनुपात में आवश्यक विकास कार्य हुए. हम तंत्र में पारदर्शिता लाए हैं और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्य हुए हैं.' मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मणयम, वित्तीय आयुक्त अरुण कुमार मेहता और सूचना विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल भी उप राज्यपाल के साथ मौजूद रहे.

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के लिए बजट में 1,08,621 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. यह पूछे जाने पर कि पूर्व में जम्मू-कश्मीर में केंद्र द्वारा भेजी गई राशि को लेकर क्या उनका प्रशासन कोई जांच आयोग गठित करेगा? इस पर सिन्हा ने कहा कि उन्होंने यह जम्मू-कश्मीर के लोगों पर छोड़ दिया है.



सिन्हा ने कहा, ' मेरी प्राथमिकता है कि किस प्रकार विकास कार्यों में तेजी लाई जाए. देश में कानून है और एजेंसियां अपना काम कर रही हैं. ऐसे में उन्हें अपना कार्य करने दिया जाना चाहिए और इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है.'
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