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पाकिस्तान से हथियार प्राप्त करने को आतंकवादियों की जम्मू में ठिकाने बनाने की साजिश: डीजीपी

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, ‘‘हमने उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला और जम्मू क्षेत्र के पुंछ, राजौरी और सांबा में बार-बार मादक पदार्थ तस्करी के प्रयासों को सफलतापूर्वक नाकाम किया है.’’
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, ‘‘हमने उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला और जम्मू क्षेत्र के पुंछ, राजौरी और सांबा में बार-बार मादक पदार्थ तस्करी के प्रयासों को सफलतापूर्वक नाकाम किया है.’’

Jammu Kashmir Police: डीजीपी (Dilbag Singh) ने कहा कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) और पंजाब (Punjab) दोनों पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करते हैं और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए लक्ष्य बने हुए हैं.

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जम्मू. पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह (Dilbag Singh) ने रविवार को कहा कि जम्मू हमेशा से पाकिस्तान (Pakistan) और उसकी एजेंसियों के निशाने पर रहा है. डीजीपी (DGP) ने साथ ही कहा कि आतंकवादी सीमा-पार से हथियार और गोला-बारूद प्राप्त करने और उसे कश्मीर भेजने के लिए यहां अपने ठिकाने बनाने की साजिश रच रहे हैं. हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) इस चुनौती के प्रति सतर्क है. सिंह ने कहा कि जम्मू के कुंजवानी इलाके से शनिवार को लश्कर-ए-मुस्तफा (Lashkar e Mustafa) के प्रमुख की गिरफ्तारी से केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद और मादक पदार्थ प्रायोजित करने के पड़ोसी देश के नापाक मंसूबों को विफल करने की बल की प्रतिबद्धता प्रतिबिंबित होती है.

पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘जम्मू हमेशा पाकिस्तान, उसके प्रायोजित आतंकवादी संगठनों, आईएसआई और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद संचालित करने वाली एजेंसियों के निशाने पर रहा है. अतीत में, धार्मिक स्थानों को बार-बार निशाना बनाया गया और हाल के दिनों में राजौरी के एक मंदिर पर ग्रेनेड हमला हुआ था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस को इनपुट मिले हैं और पुलिस (शांति भंग करने और सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की) किसी भी साजिश को विफल करने के लिए कार्रवाई कर रही है.’’

सिंह ने कहा कि हाल ही में बनाया गया लश्कर-ए-मुस्तफा, जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़ा हुआ है और इसके अधिकांश सदस्यों को कश्मीर या जम्मू में गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘उसके कमांडर (जिसे शनिवार को जम्मू शहर में गिरफ्तार किया गया था) से पूछताछ चल रही है और उसके खुलासे से पता चलता है कि वे जम्मू में आतंकवाद फैलाना चाहते थे और ठिकाने स्थापित करना चाहते थे ताकि वे पाकिस्तान से प्राप्त हथियारों और गोला-बारूद को वहां रख सकें जिसे बाद में कश्मीर या कोई अन्य जगह भेजा जा सके.’’




डीजीपी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि पुलिस ने समय पर आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया और योजना को विफल कर दिया गया. उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू और कश्मीर की पुलिस समन्वय में काम कर रही है और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. हमारे पास उन मामलों में शत प्रतिशत सफलता दर है, जिसमें पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद और मादक पदार्थ जब्त किए जो ड्रोन द्वारा गिराये गए और अन्य तरीकों से तस्करी किए गए थे.’’

सिंह ने कहा कि पाकिस्तान युवाओं को आतंकवाद में बहका कर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उनके जीवन को बर्बाद करने के लिए मादक पदार्थ का उपयोग कर रहा है और आतंकवाद के लिए धन का उपयोग करने के लिए मादक पदार्थ की तस्करी भी कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘ये तीनों चीजें पाकिस्तान से एक साथ हो रही हैं. मादक पदार्थ का खतरा एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह पाकिस्तान के समर्थन और प्रायोजन के साथ अच्छी तरह से संगठित है.’’

डीजीपी ने कहा कि जम्मू कश्मीर और पंजाब दोनों पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करते हैं और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए लक्ष्य बने हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने हाल के दिनों में पंजाब में अटारी सीमा पर 685 किलोग्राम मादक पदार्थ से लदे ट्रक को पकड़ते देखा है. बीएसएफ ने भी मादक पदार्थ की भारी मात्रा जब्त की जब उसने जम्मू कश्मीर के अरनिया सेक्टर से 66 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला और जम्मू क्षेत्र के पुंछ, राजौरी और सांबा में बार-बार मादक पदार्थ तस्करी के प्रयासों को सफलतापूर्वक नाकाम किया है.’’ हालांकि, परिवहन के विभिन्न तरीके हैं और आशंका है कि कुछ खेप सतर्क बलों से बचते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच जाए. उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को अधिक मजबूती के साथ इस खतरे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए एक साथ आना होगा.’’

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
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