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कश्मीर में PAK की साजिश को लोगों ने किया नाकाम, 99 फीसदी इलाकों में शांति

भाषा
Updated: October 12, 2019, 9:47 PM IST
कश्मीर में PAK की साजिश को लोगों ने किया नाकाम, 99 फीसदी इलाकों में शांति
श्रीनगर में यातायात शुरू होने से पहले जैसी चहल पहल शुरू हो गई है. फोटो: पीटीआई

जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) में 5 अगस्त से लगींं पाबंदियों को हटाने का सिलसिला शुरू हो चुका है. पाकिस्तान (Pakistan) की तमाम कोशिश और साजिशों के बाद भी राज्य में शांति है. पाकिस्तान के सभी मंसूबे नाकाम साबित हुए हैं.

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के करीब 99 प्रतिशत इलाकों में लोगों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों को हटा लिया गया है. इसके बावजूद राज्य में शांति है. कश्मीर के आम लोगों ने पाकिस्तान (Pakistan) की तमाम साजिशों को नाकाम कर दिया है. 5 अगस्त के बाद पाकिस्तान लगातार यहां पर अशांति और आतंकी फैलाने की साजिश रच रहा था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया. सोमवार से राज्य में पोस्ट पेड मोबाइल सेवाएं (Post Paid Mobile services) भी शुरू कर दी जाएंगी.

राज्य सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल (Rohit Kansal) ने शनिवार को बताया कि राज्य का विशेष दर्जा वापस ले लेने के अगस्त के फैसले के मद्देनजर ‘बाहर से समर्थन प्राप्त आतंकवादियों” को जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में शांति भंग करने से रोकने के लिए ये पाबंदियां जरूरी थीं. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार हिरासत में लिए गए नेताओं समेत अन्य की रिहाई के लिए समीक्षा कर रही है.

मीडिया से बात करते राज्य सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल . फोटो : पीटीआई


16 अगस्त के बाद से पाबंदियां हटाने का सिलसिला जारी 

कंसल ने कहा कि 16 अगस्त के बाद से जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir)  में धीरे-धीरे पाबंदियां हटाई जा रही थीं और ज्यादातर पाबंदियां सितंबर के पहले हफ्ते तक हटा ली गई थी. उन्होंने कहा, ‘आठ से 10 थाना क्षेत्रों को छोड़ कर बाकी हर जगह से प्रतिबंध पूरी तरह हटा लिए गए हैं. जम्मू कश्मीर के 99 प्रतिशत इलाकों में आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं है.&

डल लेक पर भी पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है. फोटो: पीटीआई


पर्यटन स्थलों पर इंटरनेट सेवा शुरू
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कंसल ने कहा कि पर्यटकों का राज्य में स्वागत है और सरकार उनके दौरे को सुगम बनाने की व्यवस्था करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर उन लोगों की मदद के लिए इंटरनेट सुविधाएं शुरू कर दी गई हैं जो इसका प्रयोग करना चाहते हैं. सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि पाबंदियां यह सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई थीं कि आतंकवादी घटना के चलते किसी की जान न जाए.

उस समय जरूरी थी पाबंदियां
कंसल ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के संबंध में किए गए महत्त्वपूर्ण संवैधानिक बदलावों के मद्देनजर, चार अगस्त से कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए ताकि बाहरी समर्थन प्राप्त आतंकवादियों को शांति भंग करने और नागरिकों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके.' प्रवक्ता ने कहा कि यह भली भांति ज्ञात है कि लोगों में डर का भाव पैदा करने के लिए राज्य में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए सीमा पार से लगातार कोशिशें की जा रही हैं, पूर्व में भी और पिछले दो महीनों से और ज्यादा.

उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन राज्य के लोगों को आतंकित करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं. कंसल ने कहा कि इसी को रोकने के मकसद से ये पाबंदियां लगाई गईं थी. कश्मीर में हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई के बारे में पूछे जाने पर कंसल ने कहा कि प्रत्येक मामले की समीक्षा की जा रही है.

इस बीच अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में शनिवार को लगातार 69वें दिन सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा जहां मुख्य बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहे.

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First published: October 12, 2019, 7:54 PM IST
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