होम /न्यूज /राष्ट्र /

जम्मू-कश्मीर ने हड़ताल और पथराव को अब पीछे छोड़ दिया है: LG मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर ने हड़ताल और पथराव को अब पीछे छोड़ दिया है: LG मनोज सिन्हा

उप-राज्यपाल सिन्हा ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 76वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित किया    (फोटो-ANI)

उप-राज्यपाल सिन्हा ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 76वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित किया (फोटो-ANI)

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने हड़ताल और पथराव को पीछे छोड़ दिया है तथा विकास एवं शांति के एक नये युग में प्रवेश कर चुका है. सिन्हा ने यहां शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 76वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने आतंकवाद पर अंतिम और निर्णायक प्रहार शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के 1.30 करोड़ लोगों को इन प्रयासों के समर्थन में आवाज बुलंद करनी चाहिए.’’

अधिक पढ़ें ...

हाइलाइट्स

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 76वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधितकिया.
उन्होंने कहा कि राज्य में हड़ताल, पत्थरबाजी और स्कूल बंद होना अतीत की बात हो चुकी है.
उन्होंने कहा राज्य नित्य नए युग की ओर अग्रसर हो रहा है.
सरकार ने शहीद सैन्यकर्मियों की परिवार के लिए मुवावजे की राशि बढाकर 12 लाख कर दिया है.

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने हड़ताल और पथराव को पीछे छोड़ दिया है तथा विकास एवं शांति के एक नये युग में प्रवेश कर चुका है. सिन्हा ने यहां शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 76वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने आतंकवाद पर अंतिम और निर्णायक प्रहार शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के 1.30 करोड़ लोगों को इन प्रयासों के समर्थन में आवाज बुलंद करनी चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि कश्मीर में अब हड़ताल का आह्वान नहीं किया जाता और ‘‘पथराव’’ का युग इतिहास के पन्नों में चला गया है। उन्होंने कहा, ‘‘बाजार अब बंद नहीं होते या स्कूल लंबे समय तक बंद नहीं रहते.’’

सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विकास, सुशासन और पारदर्शिता के एक नये युग में प्रवेश कर चुका है. उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर आगे बढ़ रहा है. मैं समाज के हर वर्ग से एक खुशहाल, शांतिपूर्ण और समृद्ध केंद्र शासित प्रदेश में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान करता हूं. इस स्वतंत्रता दिवस पर, आइये हम जम्मू कश्मीर को नशा-मुक्त, भ्रष्टाचार-मुक्त और रोज़गार-युक्त बनाने का संकल्प लें.’’

सिन्हा ने अपने 33 मिनट के भाषण में, जम्मू-कश्मीर में विकास को जमीनी स्तर तक ले जाने और बिजली आपूर्ति, पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, ‘‘तीन साल पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जम्मू कश्मीर में आधुनिक और समान सामाजिक-आर्थिक विकास की नींव रखी थी. उनके मार्गदर्शन में, जम्मू-कश्मीर समग्र विकास के लिए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है.’’

सिन्हा ने कहा, ‘‘कई बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद, हम पिछले वित्तीय वर्ष में 50,726 परियोजनाओं को पूरा करने में सफल रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आइये, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर का निर्माण करें और अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करें.’’

उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में एक ‘गौरव स्तंभ’ स्थापित करने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि हमारी प्यारी मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों की याद में श्रीनगर में एक गौरव स्तंभ की स्थापना की जाएगी. मुझे पूरा विश्वास है कि गौरव स्तंभ की अमर लौ और हमारे बहादुरों पर आधारित संग्रहालय नयी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र होगा.’’

सिन्हा ने कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस के उन बहादुरों पर गर्व है, जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 125 वीरता पदक प्राप्त किए. उन्होंने कहा, ‘‘उनका बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करेगा…..हमें आज अपने क्षेत्र के हर इंच की रक्षा करने और चुनौतियों को अवसरों में बदलने के अपने संकल्प को दोहराना चाहिए.’’

सिन्हा ने कहा कि सैनिकों का बलिदान अमूल्य है, लेकिन उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त सहायता प्रदान करने के लिए ठोस उपाय आवश्यक हैं. उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जम्मू-कश्मीर के सैन्यकर्मियों के परिवारों के लिए मुआवजे की राशि पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है. प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीदों के बच्चों के लिए 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई का खर्च वहन करने का फैसला किया है.’’

Tags: Jammu and kashmir, Lieutenant Governor Manoj Sinha

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर