जम्मू कश्मीर: हिंदू बहुल गांव ने एकमात्र मुस्लिम परिवार के शख्स को चुना अपना पंच

दिलचस्प है कि गांव में रहने वाले 450 परिवारों में हुसैन का परिवार एकमात्र मुस्लिम परिवार है. वह अपनी बीवी, पांच बेटों और बहू के साथ रहते हैं जबकि उन्होंने अपनी चारों बेटियों की शादी कर दी है.

भाषा
Updated: December 8, 2018, 7:10 PM IST
जम्मू कश्मीर: हिंदू बहुल गांव ने एकमात्र मुस्लिम परिवार के शख्स को चुना अपना पंच
प्रतीकात्मक तस्वीर
भाषा
Updated: December 8, 2018, 7:10 PM IST
जम्मू कश्मीर में जारी नौ चरणीय पंचायत चुनावों में भद्रवाह शहर में हिंदुओं की बहुलता वाले एक गांव ने सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए गांव के एकमात्र मुस्लिम परिवार के मुखिया को निर्विरोध अपना पंच चुना है. चौधरी मोहम्मद हुसैन (54) मवेशी पालने वाले परिवार से आने वाले एक गुज्जर हैं. हुसैन हंगा पंचायत के भेलन-खरोठी गांव के पंच चुने गए हैं.

दिलचस्प है कि गांव में रहने वाले 450 परिवारों में हुसैन का परिवार एकमात्र मुस्लिम परिवार है. वह अपनी बीवी, पांच बेटों और बहू के साथ रहते हैं जबकि उन्होंने अपनी चारों बेटियों की शादी कर दी है. गांव के एक ग्रामीण धुनी चंद (57) ने बताया, 'ध्रुवीकृत और सांप्रदायिक आधार पर चीजों को देखने वाले समाज में यह अजीब लग सकता है. लेकिन हमें अपने साझा भाईचारे पर नाज है.'

उन्होंने कहा कि हुसैन उनके समुदाय की सर्वसम्मत पसंद हैं. उनका समुदाय सौहार्दपूर्ण सह अस्तित्व और भाईचारे के लिए एक मिसाल पेश करना चाहता था, जो हमारे देश की ताकत है. चंद ने कहा, 'ध्रुवीकरण और धर्म के नाम पर मतभेद की बातें हमारे उस विश्वास को डगमगा नहीं सकीं कि हम एक ही परिवार का हिस्सा हैं. अगर इतने साल में यह हमारी एकजुटता को खत्म नहीं कर पाया है तो यह अब कभी नहीं होगा.'

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गांव के युवा भी इस फैसले से बेहद खुश हैं और उन्हें भेलन का निवासी होने पर फख्र है. ग्रामीणों के सर्वसम्मत फैसले से हुसैन ना सिर्फ भावविभोर हैं बल्कि वह ग्रामीणों के कल्याण के लिए दिन-रात काम करना चाहते हैं. हुसैन ने कहा, 'हम लोग सौहार्द से भरपूर माहौल में रहते आए हैं. उन्होंने मुझे कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि मैं गांव में रहने वाला एकमात्र मुस्लिम हूं. मुझे अपना पंच चुनकर और वह भी निर्विरोध चुनकर उन्होंने मेरे प्रति अपना प्यार जताया है. वे इसे एक अलग स्तर पर लेकर गए जिसके लिए मैं उम्र भर उनका कर्जदार रहूंगा.'

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