कोरोना संकट के बीच जम्मू-कश्मीर में 'शिकारा रेस' का आयोजन

जम्मू-कश्मीर में 'शिकारा रेस' का आयोजन किया गया (फोटो-ANI)
जम्मू-कश्मीर में 'शिकारा रेस' का आयोजन किया गया (फोटो-ANI)

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में 20 राष्ट्रीय राइफल्स और भारतीय सेना ने आज श्रीनगर में लोगों के लिए अपनी वार्षिक 'शिकारा रेस' का आयोजन किया. इस दौरान 15 शिकारों ने दौड़ में भाग लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 9:32 PM IST
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श्रीनगर. कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के बीच जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में रविवार को 'शिकारा रेस' (Shikara Race) का आयोजन किया गया. 20 राष्ट्रीय राइफल्स और भारतीय सेना ने आज श्रीनगर में लोगों के लिए अपनी वार्षिक 'शिकारा रेस' का आयोजन किया. इस दौरान 15 शिकारों ने दौड़ में भाग लिया.

20 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रवीण कुमार ने कहा कि हम हर साल ऐसा करते हैं. हम बच्चों के लिए बोट रेस और अन्य दौड़ आयोजित करते थे, लेकिन इस बार कोरोना के कारण यह नहीं कर सके. प्रवीण कुमार ने कहा कि यहां कोरोना से स्थिति थोड़ी बेहतर है, इसलिए हम इसे पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिकारा यूनियन और जनता की मदद से कर रहे हैं.


पर्यटन, अन्य क्षेत्रों के लिए 1350 करोड़ का आर्थिक पैकेज
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा परिदृश्य और कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक संकट की चपेट में आए केंद्र शासित प्रदेश के पर्यटन और कुछ अन्य क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने के लिए शनिवार को 1,350 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की. पैकेज के तहत सरकार ने किसानों, परिवारों और कारोबारियों को राहत देने के मकसद से जम्मू कश्मीर में एक साल के लिए बिजली और पानी के बिल पर 50 प्रतिशत की रियायत देने की घोषणा की है.



मनोज सिन्हा ने संकेत दिया कि कारोबारियों की सहायता के लिए केंद्र ‘‘असाधारण और ऐतिहासिक पैकज’’ देने पर भी सक्रियता से विचार कर रहा है. इसमें मौजूदा और नए उद्यमों को भी शामिल किया जाएगा और इससे जम्मू कश्मीर में कारोबार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. इसकी घोषणा करते हुए उपराज्यपाल ने कहा, 'आप जानते हैं कि दो प्रतिशत कर्ज रियायत दी जाती है और लोग ऐसी ही उम्मीद करते हैं. पिछले करीब 20 साल में कारोबार को नुकसान हुआ है, इसलिए यहां की विशेष स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमने छोटे, मध्यम या बड़े, सभी कारोबारों को बिना किसी भेदभाव के पांच प्रतिशत ब्याज छूट देने का फैसला किया है. यह असाधारण स्थिति है.' उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासित क्षेत्र का प्रशासन 950 करोड़ रुपये की सीधे मदद कर रहा है. कृषि और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए प्रशासनिक उपायों का सुझाव दिया था ।
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