J&K प्रशासन ने कश्मीरी प्रवासियों और विस्थापितों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया

J&K प्रशासन ने कश्मीरी प्रवासियों और विस्थापितों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया
जम्मू-कश्मीर के विस्थापितों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत की i गई है (AP Photo/ Dar Yasin)

केंद्रशासित प्रदेश (Union Territory) से बाहर रहने वाले 120 से ज्यादा कश्मीर प्रवासियों (Kashmiri Migrants) के आवेदन रजिस्ट्रेशन (Registration) की शुरुआत से अब तक प्राप्त हुए हैं.

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जम्मू. जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu-Kashmir Administration) ने केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) से बाहर रह रहे कश्मीरी प्रवासियों (Kashmiri Migrants) और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) के विस्थापितों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) की शुरुआत की है. केंद्र शासित प्रदेश से पलायन करने वाले निवासियों को शामिल करने के लिए नए पंजीकरण को फिर से शुरू करने के दो महीने से भी अधिक समय बाद यह कवायद की गई है. अधिकारियों (Officers) ने शनिवार को यह जानकारी दी.

पंजीकरण (Registration) के पहले दिन केंद्र शासित प्रदेश से बाहर रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों के 120 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए. जम्मू-कश्मीर के राहत एवं पुनर्वास आयुक्त (Relief and Rehabilitation Commissioner) टीके भट ने संवाददाताओं से कहा, 'विस्थापित लोगों और कश्मीरी प्रवासियों के पंजीकरण के लिए हमने शुक्रवार को एक ऐप (App) की शुरुआत की है. आवेदन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.'

एक दिन में जम्मू-कश्मीर प्रशासन को मिले 120 से ज्यादा आवेदन
जम्मू-कश्मीर के राहत एवं पुनर्वास आयुक्त ने कहा कि अब तक हमें 120 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 40 से अधिक आवेदन शनिवार को ऑनलाइन प्राप्त हुए.
कोई भी कश्मीरी पंडित और विस्थापित व्यक्ति, जो आजादी से पहले वर्ष 1944 में कश्मीर छोड़ चुके था और जिसके पास 1944 या उसके बाद जम्मू-कश्मीर के किसी भी हिस्से में अचल संपत्ति होने अथवा उसका मालिक होने का कोई सुबूत है, वह केंद्र शासित प्रदेश में अधिवास का हकदार है.



आवेदन के लिए लोगों के पास इन प्रमाण पत्रों में से एक का होना जरूरी
गत 16 मई को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उप राज्यपाल प्रशासन ने कश्मीरी प्रवासियों और विस्थापितों के लिए 'नए पंजीकरण' को फिर से शुरू किया था, जिसके साथ ही इस केंद्र शासित प्रदेश से पलायन करने वाले मूल निवासियों के लिए अपना पंजीकरण कराने का रास्ता साफ हो गया था.

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इस उद्देश्य के लिए, प्रवासी और विस्थापित व्यक्ति विकल्प के तौर पर दिए गये प्रमाणों में से एक प्रमाण के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसमें स्थायी निवासी प्रमाण पत्र की एक प्रति, 1951 और 1988 की मतदाता सूची में नाम, 1-11-1989 से पहले किसी स्वायत्त निकाय या इकाई में काम करने का प्रमाण पत्र, 1944 तक या उसके बाद जम्मू-कश्मीर में अचल संपत्ति के मालिकाने का प्रमाण आदि प्रमाण के तौर पर शामिल हैं.
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