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जम्‍मू-कश्‍मीर प्रशासन ने सेब कारोबारियों को आतंकी हमलों से बचाने के लिए बनाया खास प्‍लान

News18Hindi
Updated: October 18, 2019, 2:39 PM IST
जम्‍मू-कश्‍मीर प्रशासन ने सेब कारोबारियों को आतंकी हमलों से बचाने के लिए बनाया खास प्‍लान
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दक्षिणी कश्मीर पहुंचने वाले देश के दूसरे राज्‍यों के मजदूरों, ट्रक ड्राइवरों और फल कारोबारियों को शोपियां व पुलवामा में सुरक्षित घरों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है.

जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) के शोपियां (Shopian) में आतंकियों ने 48 घंटे से भी कम समय में तीन गैर-कश्‍मीरी लोगों (Non-Kashmiris) की हत्‍या के बाद ट्रक ड्राइवरों (Truck Drivers) ने सेब की खेप लिए बिना ही लौटना शुरू कर दिया था. अब प्रशासन ने आतंकियों (Terrorist) को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए खास रणनीति बनाई है.

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  • Last Updated: October 18, 2019, 2:39 PM IST
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शोपियां. जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा (Pulwama) और शोपियां (Shopian) में आतंकियों ने 48 घंटे से भी कम समय में तीन गैर-कश्‍मीरी लोगों (Non-kashmiris) की हत्‍या कर दी. इससे दक्षिण कश्‍मीर (South Kashmir) में फिर डर और तनाव का माहौल बन गया है. सेब कारोबारियों (Apple traders) में इन घटनाओं के बाद से दहशत का माहौल है. दूसरे राज्‍यों से कश्‍मीर पहुंचने वाले ट्रक ड्राइवर (Truck Drivers) बिना सेब की खेप लिए लौट रहे हैं. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आतंकी दक्षिण कश्मीर में सेब के कारोबार को पटरी से उतारना चाहते हैं. लिहाजा, प्रशासन ने सेब कारोबारियों को आतंकियों (Terrorist) से बचाने के लिए खास रणनीति बनाई है.

बड़े ट्रकों को नहीं दी जा रही अंदरूनी इलाकों में जाने की अनुमति
जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu-Kashmir Administration) ने दक्षिणी कश्मीर पहुंचने वाले देश के दूसरे राज्‍यों के मजदूरों, ट्रक ड्राइवरों और फल कारोबारियों को शोपियां व पुलवामा में सुरक्षित घरों (Safe Houses) में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है. साथ ही सेब के कारोबार से जुड़े गैर-कश्‍मीरियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. शोपियां में जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि बड़े ट्रक मुख्य रास्तों पर ही जाएंगे. उन्हें अंदरूनी इलाकों में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह (DGP Dilbagh Singh) ने गुरुवार को बताया, 'फल उत्पादक अपने बागानों से छोटी गाड़ियों में खेप भेजने को तैयार हैं. ये गाड़ियां मेन रोड के पिकअप प्‍वाइंट पर पहुंचेंगी, जहां उन्हें ट्रकों पर लादा जाएगा. पुलिस ने इन पिकअप प्‍वाइंट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी है.

बृहस्‍पतिवार को सीजन के सबसे बड़ी खेप का हुआ ट्रांसपोर्ट

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंकी सेब के कारोबार से जुड़े लोगों को निशाना बना रहे हैं. ज्यादातर सेब पुलवामा से भेजे जाते हैं. वहीं, शोपियां में सेब थोड़ी देरी से तैयार होते हैं. इसलिए उन्हें अब भेजा जा रहा है. शोपियां को आतंकियों का गढ़ माना जाता है. लिहाजा वहां आतंकी हमले (Terror Attack) का खतरा ज्यादा रहता है. तीन हत्याओं के बावजूद बृहस्‍पतिवार को इस सीजन में सबसे ज्यादा फल का ट्रांसपोर्ट (Transport) हुआ है. शोपियां के उपायुक्‍त (DCP) यासीन चौधरी ने बताया, 'खेप का इंतजार कर रहे सेब कारोबारी और ट्रक ड्राइवरों को कस्बे के नए होलसेल मार्केट व उसके आसपास के इलाकों में इकट्ठा होने को कहा गया है ताकि प्रशासन उन्हें महफूज रख सके.

ट्रकों को सीधे बागानों में जाने से रोक दिया गया है. दरअसल, वहां छिपे आतंकी आसानी से उन पर हमला कर सकते हैं.


बागानों में जाने पर रोक, छिपे आतंकी कर सकते हैं हमला
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चौधरी ने बताया कि ट्रकों को सीधे बागानों में जाने से रोक दिया गया है. दरअसल, वहां छिपे आतंकी आसानी से उन पर हमला कर सकते हैं. एक अधिकारी ने बताया, 'हमने योजना बनाई है कि पोर्टर और छोटी गाड़ियों के जरिये बागानों से हाईवे तक सेब की खेप ले जाई जाए, जहां इसे ट्रकों में लोड किया जाए. इसके बाद ट्रकों के काफिले को सुरक्षा घेरे में वहां से रवाना किया जाए. आतंकियों ने सोमवार को शोपियां में राजस्थान (Rajasthan) के एक ट्रक ड्राइवर की हत्‍या कर दी थी. शोपियां में ही मंगलवार को पंजाब (Punjab) के एक सेब कारोबारी की हत्या कर दी गई. इससे कुछ घंटे पहले पुलवामा में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के एक मजदूर की हत्या की गई.

दो दिन में 10 हजार ट्रक सेब की खेप घाटी से निकली
आधिकारिक सूत्रों का कहना है बृहस्‍पतिवार को सुरक्षा का भरोसा दिए जाने के बाद गैर-कश्‍मीरी सेब कारोबारियों और ट्रक ड्राइवरों के घाटी छोड़ने में कमी आई. शोपियां के पुलिस उपायुक्‍त चौधरी का कहना है कि दक्षिण कश्मीर में फल कारोबार को बर्बाद करने के आतंकियों के मंसूबे नाकाम कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि पिछले दो दिन में इलाके के बागानों से लाए गए सेबों को 10 हजार ट्रकों में लोड करने के बाद सुरक्षित घाटी के बाहर रवाना किया गया है.

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First published: October 18, 2019, 2:14 PM IST
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