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कुछ ही दिनों में केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा जम्मू-कश्मीर, विधान परिषद भंग

भाषा
Updated: October 17, 2019, 4:33 PM IST
कुछ ही दिनों में केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा जम्मू-कश्मीर, विधान परिषद भंग
जम्मू-कश्मीर असेंबली की फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को निष्क्रिय करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बदलने वाला भारत सरकार (Government of India) का फैसला 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि से लागू होने जा रहा है.

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जम्मू. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को इस महीने के अंत में दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने से पहले राज्य प्रशासन ने एक आदेश जारी कर 62 साल पुरानी राज्य विधान परिषद (State Legislative Council) को भंग कर दिया है. इसके साथ ही यहां काम कर रहे 116 कर्मचारियों को सामान्य विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है.

राज्य को आधिकारिक रूप से 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि दो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) और जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में विभाजित करने से कुछ दिन पहले बुधवार को विधान परिषद को भंग करने का आदेश जारी किया गया.

विधानसभा के साथ केंद्र शासित प्रदेश होगा J&K
जम्मू-कश्मीर विधानसभा (Jammu Kashmir Assembly) के साथ केंद्र शासित प्रदेश होगा. आदेश के मुताबिक विधान परिषद में कार्यरत 116 कर्मियों को 22 अक्टूबर तक सामान्य प्रशासन विभाग को रिपोर्ट करने को कहा गया है.

राज्य सरकार के सचिव फारूक अहमद लोन की ओर से जारी आदेश में समय-समय पर विधान परिषद के लिए खरीदे गए वाहनों को निदेशक मोटर गैराज और विधान सभा परिषद की इमारत को फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित निदेशक संपदा को सौंपने को कहा गया है.

विधान सभा के ऊपरी सदन के तौर पर काम करती थी विधान परिषद
उल्लेखनीय है कि 36 सदस्यीय विधान परिषद 1957 में संसद के कानून के स्थापित की गई थी. यह 87 सदस्यीय विधान सभा के ऊपरी सदन के तौर पर काम करती थी.
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आदेश में कहा गया, ‘‘जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन कानून-2019 की धारा 57 के तहत परिणाम स्वरूप जम्मू-कश्मीर विधान परिषद को खत्म किया जाता है और वहां कार्यरत सभी कर्मियों को 22 अक्टूबर को सामान्य प्रशासन विभाग से संपर्क करने का आदेश दिया जाता है.’’

मामले और दस्तावेज ट्रांसफर करने के आदेश
आदेश में आगे कहा गया कि विधानसभा परिषद सचिवालय के विधायी सबंधी सभी दस्तावेजों को सचिव विधि एंव न्याय विभाग और संसदीय मामलों को स्थानांतरित किया जाए.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निष्क्रिय कर दिया था.

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First published: October 17, 2019, 4:33 PM IST
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