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J&K: तीन सालों में 305 जवान शहीद, आतंकी हमले कम हुए; 2018 रहा सबसे खूनी

गृह मंत्रालय की तरफ से बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीजफायर उल्लंघन और आतंकवादी हमलों में सबसे ज्यादा मौतें साल 2018 में हुई हैं. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)
गृह मंत्रालय की तरफ से बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीजफायर उल्लंघन और आतंकवादी हमलों में सबसे ज्यादा मौतें साल 2018 में हुई हैं. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

Jammu-Kashmir Update: इसके अलावा साल 2018 में 614 आतंकवादी हमले (Terrorist Attack) हुए थे. जिसमें 39 नागरिक मारे गए थे. इन घटनाओं में 91 जवान शहीद हुए थे. हालांकि, साल 2020 में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 2, 2021, 6:49 PM IST
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नई दिल्ली. बीते तीन सालों में जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में सीजफायर उल्लंघन (Ceasefire Violation) की घटनाएं बढ़ी हैं. जबकि, आतंकी हमले कम हुए हैं. इस बात की जानकारी गृहमंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने मंगलवार को दी है. गृह मंत्रालय ने 2018, 2019, 2020 में हुए आतंकवादी हमले और सीजफायर उल्लंघन के मामलों से जुड़ा ब्यौरा पेश किया. इसके अलावा मंत्रालय की तरफ से किसान आंदोलन, नक्सली समेत कई बड़े मुद्दों की जानकारी दी गई.

गृहमंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि साल 2020 में सीजफायर उल्लंघन के 5133 मामले सामने आए थे. जिसमें 22 आम नागरिकों की मौत हो गई थी. जबकि, 71 घायल हो गए थे. वहीं, इस दौरान सुरक्षाबलों के 24 जवान शहीद हुए और 126 घायल हो गए थे. 2019 में सीजफायर की 3479 घटनाएं हुईं. जिनमें 18 आम नागरिकों की मौत हुई थी और 19 जवान शहीद हो गए थे. साल 2018 में सीजफायर की कुल 2140 घटनाएं हुईं.

(फोटो सोर्स: ANI/Twitter)




इसके अलावा साल 2018 में 614 आतंकवादी हमले हुए थे. जिसमें 39 नागरिक मारे गए थे. इन घटनाओं में 91 जवान शहीद हुए थे. हालांकि, साल 2020 में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई. बीते साल 244 आतंकी हमले हुए थे. इन घटनाओं में सुरक्षाबलों के 62 जवान शहीद हुए थे. जबकि, 37 आम नागरिकों की मौत हो गई थी. सुरक्षाबलों ने साल 2020 में 221 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था. जबकि, 2018 में यह आंकड़ा 257 और 2019 में 157 पर था. तीन सालों में सेना के 305 जवान शहीद हो गए हैं.

2018 में सबसे ज्यादा मौतें
गृह मंत्रालय की तरफ से बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीजफायर उल्लंघन और आतंकवादी हमलों में सबसे ज्यादा मौतें साल 2018 में हुई हैं. इस दौरान सीजफायर की घटनाओं में कुल 59 जानें गईं. वहीं, आतंकवादियों के चलते 130 लोगों ने अपनी जान गंवाई. हालांकि, साल 2020 में इन दोनों तरह की घटनाओं पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है. सेना ने तीन सालों में 635 आतंकवादी मार गिराए हैं. सीजफायर से जुड़ी घटनाओं में तीन साल में 70 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है. वहीं, आतंकी हमलों में 115 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. बीते कुछ समय में राज्य में आतंकवादी काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं.
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