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जम्मू-कश्मीर में किसी क्षेत्र को अफस्पा के तहत ‘अशांत’ घोषित करने का अधिकार केंद्र के पास

भाषा
Updated: November 1, 2019, 7:33 PM IST
जम्मू-कश्मीर में किसी क्षेत्र को अफस्पा के तहत ‘अशांत’ घोषित करने का अधिकार केंद्र के पास
अफस्पा सुरक्षा बलों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देता है.

पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को गुरुवार को विभाजित किये जाने तक राज्य सरकार को जिलाधिकारियों के माध्यम से अफस्पा (AFSPA) के तहत किसी जिले या पुलिस थाना क्षेत्र को अशांत घोषित करने का अधिकार दिया गया था.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने नव सृजित दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) में किसी भी क्षेत्र को विवादास्पद सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (Armed Forces (Special Powers) Act) के तहत ‘‘अशांत’’ घोषित करने का अधिकार अपने पास रखा है. अफस्पा सुरक्षा बलों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देता है.

पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर को गुरुवार को विभाजित किये जाने तक राज्य सरकार को जिलाधिकारियों के माध्यम से अफस्पा (AFSPA) के तहत किसी जिले या पुलिस थाना क्षेत्र को ‘‘अशांत’’ घोषित करने का अधिकार दिया गया था.

अफस्पा के तहत सुरक्षाबलों को मिलेंगे ये अधिकार
अफस्पा के तहत सुरक्षा बल किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना वारंट के हिरासत में ले सकते है, उसकी तलाशी ले सकते हैं और यहां तक की उस पर गोली भी चला सकते हैं. यह कानून ऐसी गतिविधियों के लिए सैनिकों को छूट देता है.

एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में सशस्त्र बल (जम्मू और कश्मीर) विशेष अधिकार अधिनियम, 1990 (1990 का 21) का प्रशासन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख मामलों के विभाग के साथ निहित किया गया है.

केंद्र देखेगा दोनों प्रदेशों की पुलिस और कानून व्यवस्था
पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य में 1990 से अफस्पा लगा हुआ था. हालांकि, लेह और करगिल क्षेत्रों को कभी भी अशांत घोषित नहीं किया गया, जो अब नए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा हैं.
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राज्य के बंटवारे के साथ, दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और कानून व्यवस्था केंद्रीय गृह मंत्रालय अब दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के संबद्ध उपराज्यपालों के जरिये देखेगा.

श्रीनगर में जनजीवन प्रभावित
वहीं श्रीनगर में जुम्मे की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के चलते और कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए शुक्रवार को कुछ हिस्सों में एहतियाती तौर पर पाबंदियां लगा दी गईं. संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने के बाद लगातार 89वें दिन भी कश्मीर में जनजीवन प्रभावित रहा.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए पुराने शहर में पांच पुलिस थाना क्षेत्रों और सौरा पुलिस थाना क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पाबंदियां लगाई गई.’’ अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों की आशंका थी जिसके चलते घाटी में संवेदनशील स्थानों पर भारी सुरक्षा बल को तैनात किया गया. उन्होंने बताया कि समूची घाटी में हालात फिलहाल शांति है.

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में कुछ बदमाशों ने भाजपा कार्यकर्ताओं के दो निजी वाहनों में आग लगा दी. अधिकारियों ने बताया कि बाजार बंद रहे और गाड़ियां सड़कों से नदारद रहीं.

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First published: November 1, 2019, 7:12 PM IST
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