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जम्मू-कश्मीर में 2019 में मारे गये 160 आतंकवादी, 102 को किया गया गिरफ्तार: डीजीपी

भाषा
Updated: December 31, 2019, 10:56 PM IST
जम्मू-कश्मीर में 2019 में मारे गये 160 आतंकवादी, 102 को किया गया गिरफ्तार: डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में कानून एवं व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं में 36 प्रतिशत की गिरावट आई है.

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह (Dibagh Singh) ने कहा, '2018 में इस तरह के 218 (स्थानीय) युवक आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए थे लेकिन 2019 में केवल 139 शामिल हुए है.'

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  • Last Updated: December 31, 2019, 10:56 PM IST
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जम्मू. जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह (Dibagh Singh) ने मंगलवार को कहा कि इस केन्द्र शासित प्रदेश में 2019 में 160 आतंकवादी मारे गये और 102 को गिरफ्तार किया गया जबकि आतंकवादी संगठनों में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं की संख्या में कमी आई है.

सिंह ने पत्रकारों से कहा, '2018 में इस तरह के 218 (स्थानीय) युवक आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए थे लेकिन 2019 में केवल 139 शामिल हुए. उन्होंने कहा कि आतंकवादी घटनाओं में 30 प्रतिशत की कमी आई है और पिछले वर्ष की तुलना में कानून एवं व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं में 36 प्रतिशत की गिरावट आई है.

इस साल कम हुईं कानून एवं व्यवस्था की घटनाएं
डीजीपी ने कहा, ‘‘इस वर्ष इस तरह (कानून एवं व्यवस्था) की केवल 481 घटनाएं हुई है जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 625 थी.’’ इससे पहले छात्रों, छात्रवृत्ति आवेदकों, कारोबारियों और अन्य की सुविधा के लिये दस दिसंबर को मोबाइल फोनों पर एसएमएस सेवा शुरू की गई थी. कंसल ने कहा कि 31 दिसंबर की मध्यरात्रि से पूरे कश्मीर में सेवाएं पूरी तरह बहाल करने का फैसला लिया गया है.

उन्होंने कहा कि इन नये रंगरूटों में बस 89 बच गये. पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘ बाकी का सफाया किया गया क्योंकि आतंकवाद से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी महज 24 घंटे से लेकर दो-महीने तक रही. बमुश्किल ही कुछ पुराने आतंकवादी बचे हुए हैं जिनमें जहांगीर सरूरी और रियाज नायिकू शामिल हैं.’’ उन्होंने कहा कि 2019 में कानून व्यवस्था से जुड़ी 481 घटनाएं हुईं जबकि 2018 में 625 ऐसी घटनाएं हुई थीं.

सिंह ने कहा, 'जम्मू कश्मीर में 250 आतंकवादी सक्रिय हैं. 2018 की तुलना में इस साल सक्रिय आतंकवादियों की संख्या घटी है.' उन्होंने कहा कि इस साल 80 फीसद आतंकवाद निरोधक अभियान सफल रहे और विदेशियों समेत 160 आतंकवादी मारे गये. उन्होंने कहा, 'जम्मू कश्मीर पुलिस के 11 जवान और अन्य सुरक्षाबलों के 72 जवान शहीद हो गये.'

10 आतंकवादियों ने किया सरेंडरसिंह ने कहा कि इस साल 102 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 10 आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद निरोधक अभियान में अन्य लोगों की जान नहीं गयी क्योंकि लोगों ने पूर्ण सहयोग किया. उन्होंने कहा, ‘‘इस साल (आतंकवाद निरोधक अभियानों के दौरान) कानून व्यवस्था की समस्या नहीं आयी.’’

पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘इस साल सीमापार से बड़ी संख्या में घुसपैठ की कोशिश और संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं हुईं. लेकिन सुरक्षाबलों ने इन कोशिशों की सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया. 2019 में 130 घुसपैठियों ने घुसपैठ की जबकि पिछले साल 143 ने ऐसा किया था.’’

इंटरनेट सेवा बहाल करने के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि जम्मू कश्मीर (कानून व्यवस्था के मोर्चे पर) ऐसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है. शीघ्र ही आपको सकारात्मक घोषणा सुनने को मिलेगी.’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग इंटरनेट का दुरूपयोग करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘अतीत में हमने उनका संज्ञान लिया था और भविष्य में भी हम ऐसे लोगों पर नजर रखेंगे.’’

आज से SMS सर्विस होंगी बहाल
जम्मू कश्मीर के सरकारी प्रवक्ता रोहित कंसल ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर घाटी में 31 दिसंबर की आधीरात से सभी सरकारी अस्पतालों में इंटरनेट सेवा और मोबाइल फोनों पर एसएमएस सेवा बहाल हो जाएगी. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, छात्रवृति आवेदकों, व्यापारियों और अन्य की सहूलियत के लिए 10 दिसंबर को मोबाइल फोनों पर कुछ एसएमएस बहाल की गयी थी. अब तय किया गया है कि 31 दिसंबर की आधी रात से पूरे कश्मीर में इस सेवा को बहाल कर दिया जाए.

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को लद्दाख के कारगिल जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गयी थी जो संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के बाद 145 दिनों तक निलंबित थी.

पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गयी थी. उसी दिन केंद्र ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने की घोषणा की थी.

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First published: December 31, 2019, 8:18 PM IST
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