फारूक अब्दुल्ला की चेतावनी- 370 और 35A पर रुख साफ करे केंद्र, वरना चुनावों का करेंगे बायकॉट

जम्मू-कश्मीर में अक्टूबर-नवंबर में पंचायत और नगर निगम के चुनाव होने हैं, लेकिन, राज्य में चल रहे राजनीतिक बवाल के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया.

News18Hindi
Updated: September 8, 2018, 2:14 PM IST
फारूक अब्दुल्ला की चेतावनी- 370 और 35A पर रुख साफ करे केंद्र, वरना चुनावों का करेंगे बायकॉट
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस उमर अब्दुल्ला
News18Hindi
Updated: September 8, 2018, 2:14 PM IST
जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्‍दुल्‍ला ने एक बार फिर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है. अब्दुल्ला ने श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अगर अनुच्छेद 370 और अनुच्‍छेद 35ए पर केंद्र सरकार ने रुख साफ नहीं किया, तो उनकी पार्टी पंचायत चुनावों के साथ लोकसभा और विधानसभा चुनावों का भी बहिष्‍कार करेगी.

फारूक अब्‍दुल्‍ला इससे पहले ही पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं. जम्मू-कश्मीर में अक्टूबर-नवंबर में पंचायत और नगर निगम के चुनाव होने हैं, लेकिन, राज्य में चल रहे राजनीतिक बवाल के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया. नेशनल कॉन्फ्रेंस का कहना है कि केंद्र सरकार पहले आर्टिकल 35A पर अपना रुख साफ करे फिर चुनाव कराए.

पार्टी संस्थापक शेख अब्दुल्ला के मजार पर आयोजित कार्यक्रम में फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं (अजित) डोभाल और केंद्र सरकार को बताना चाहता हूं कि अगर कश्मीर का अलग विधान गलत है तो फिर जम्मू कश्मीर का भारत में विलय भी गलत है. इस विलय के वक्त ही राज्य के हितों को सुरक्षित रखने के लिए कानून बनाए गए थे.'



जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ रिश्तों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'जब वाजपेयी बतौर प्रधानमंत्री पाकिस्तान जा सकते हैं और कह सकते हैं कि भारत पाकिस्तान को एक राष्ट्र के रूप में स्वीकार करते है और उसके साथ रिश्ते सुधारना चाहता है... अगर हम पड़ोसियों के साथ दोस्ती बढ़ाते हैं, तो हम दोनों की ही इसमें भलाई है. मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस बारे में सोचेंगे और इस पर काम करेंगे.'





इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मेरा यही आग्रह है. अगर दोनों देश और मीडिया रिश्ते सुधारने में मदद करे तो यह मसला तुरंत सुलझ सकता है.'
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर