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जम्मू कश्मीर के गवर्नर बोले- गोली के जवाब में गोली मिलेगी, गुलदस्ता नहीं

जम्मू कश्मीर के गवर्नर बोले- गोली के जवाब में गोली मिलेगी, गुलदस्ता नहीं

(File photo/PTI)

(File photo/PTI)

गवर्नर ने कहा, 'कश्मीर जन्नत है और इसे खोना नहीं चाहिए. लोगों को बेदार करने की जरूरत है और इसका सबसे अच्छा तरीका शिक्षा है. पूरे देश की तरह राज्य में भी शिक्षा का बुरा हाल है क्योंकि कश्मीर में शिक्षा देर से शुरू हुई.'

    (खुर्रम शहजाद)

    जम्मू कश्मीर सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है गोली का जवाब गोली से मिलेगा. दिल्ली में जम्मू कश्मीर के गवर्नर सतपाल मलिक ने एक किताब विमोचन के प्रोग्राम के मौके पर न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा कश्मीर में रोज एक दो आतंकवादी मारे जाते है लेकिन अगर आप गोली चलाएंगे तो बदले में गुलदस्ता नहीं मिलेगा.

    सतपाल मलिक मशहूर लेखक अमिताभ मट्टू की किताब 'इंपावरिंग यूथ जम्मू एंड कश्मीर' का विमोचन करने दिल्ली आए थे. होटल ताज मानसिंह में प्रोग्राम हो रहा था इस मौके पर सतपाल मलिक ने कहा, 'कश्मीर में हालात ठीक हो सकते हैं अगर सियासी रहनुमा और हुर्रियत भी आतंकवादी घटनाओं की निंदा करें.'

    सतपाल मलिक ने कहा, 'आतंकवादी संगठन धमकियां देते हैं, उनका काम धमकियां देना है. हमारा काम उनका मुकाबला करना है. हमारा कोई भी वोटर धमकियों से नहीं डरा है. पंचायत इलेक्शन के पहले चरण में हम लोगों को यह समझाने में कामयाब हुए कि चुनाव राजनीतिक पार्टियों, गवर्नर या फिर दिल्ली के लिए नहीं बल्कि खुद उनके विकास के लिए है. 100 साल की उम्र के लोग भी वोट देने पहुंचे थे. 84 फीसदी वोटिंग हुई थी, जिसमें कश्मीर घाटी में करीब 56 फीसदी रिकॉर्ड वोटिंग हुई.'

    जम्मू कश्मीर के गवर्नर ने कहा, 'दूसरे चरण के लिए तमाम सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं. चुनाव के पहले और चुनाव के बाद सभी की सुरक्षा करेंगे. जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ा चैलेंज लोगों का भरोसा जीतना है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय के अलावा कश्मीर के साथ अच्छा बर्ताव नहीं हुआ. कश्मीर के लोगों का भरोसा तोड़ा गया.'

    सतपाल मलिक ने कहा, 'मेरा मानना है काफी दूर तक दिल्ली भी कश्मीर के हालात के लिए जिम्मेदार है. अगर दिल्ली में हम जैसे लोग और कश्मीर के लीडर सबसे ज्यादा ईमानदारी से काम करें तो कश्मीर के हालात बदल सकते हैं, वरना यह समस्या अगले 60 सालों में भी हल नहीं होगी. कश्मीर के लोगों को यह बताने की जरूरत है हम जुगाड़ से आप पर हुकूमत करने नहीं आए हैं, हम आपके दुश्मन नहीं हैं. यह देश आपका है.

    गवर्नर ने कहा, 'कश्मीर जन्नत है और इसे खोना नहीं चाहिए. लोगों को बेदार करने की जरूरत है और इसका सबसे अच्छा तरीका शिक्षा है. पूरे देश की तरह राज्य में भी शिक्षा का बुरा हाल है क्योंकि कश्मीर में शिक्षा देर से शुरू हुई. इसके अलावा ब्यूरोक्रेसी को ठीक करना और पारदर्शिता लाना भी बड़ा चैलेंज है. हुर्रियत भी जानती है कि जो रास्ता उसने अपनाया है वह गलत है. बंदूक चलाने वाले भी जानते हैं लेकिन अपने आप को बचाने के लिए आजादी और नए देश का सपना दिखाया गया, जो कभी पूरा नहीं हो सकता.'

    सतपाल मलिक ने कहा, 'यह बात लोगों के दिमाग से अभी निकली नहीं है इसलिए जब कोई आतंकवादी मरता है तो उसके जनाजे में हजारों की भीड़ आती है और दो चार दूसरे उसकी जगह ले लेते हैं. परवेज मुशर्रफ ने कश्मीरियों से कहा था भारत को तोड़ना मेरे बस की बात नहीं, यहां से जो मिल सकता है ले लो.'

    प्रोग्राम के दौरान किताब के लेखक अमिताभ मट्टू ने कहा, 'कश्मीर देश में सबसे युवा राज्य है और अगर यहां के नौजवानों को आगे बढ़ाया गया तो कश्मीर आगे जाएगा.' इस मौके पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर योगेश कुमार त्यागी के अलावा बड़ी तादाद में कश्मीर से जुड़े लोग मौजूद थे.

    Tags: BJP, Indian army, Jammu and kashmir, PDP, Satyapal malik, Terrorism

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